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MP New Transfer Policy: शिक्षकों के तबादले 15 जून के बाद होंगे शुरू, जानिए किसको फायदा किसे नुकसान

MP New Transfer Policy मध्यप्रदेश में नई ट्रांसफर पालिसी के तहत शिक्षकों के तबादले 15 जून के बाद शुरू किए जाएंगे। तबादला नीति में शहरी क्षेत्रों में कई सालों से जमे शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा। बताया गया है कि इस साल 15 मई के बाद से ही तबादला शुरू किए जाने थे लेकिन वरिष्ठ पदों पर प्रभार देने की प्रक्रिया के चलते अब यह तबादले 15 जून के बाद होंगे। बताते हैं कि राज्य सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग ने नई ट्रांसफर नीति को पिछले साल ही मंजूरी दे दी थी और वही व्यवस्था इस साल भी लागू होना है।

खबरों के अनुसार वरिष्ठ पदों पर प्रभार देने की प्रक्रिया के कारण स्थानांतरण प्रक्रिया में विलंब हो गया है। अब 15 जून के बाद ट्रांसफर किए जाएंगे। बताया गया कि इस बार तबादलों की खास विशेषता यह रहेगी कि नीति में प्रभारी मंत्रियों की कोई भूमिका नहीं है। अब सब कुछ ऑनलाइन ही होगा। अभी तक शिक्षकों के तबादले में प्रभारी मंत्रियों की चलती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। ऐसे शिक्षकों को तबादला नीति से बाहर रखा गया है जिन की सेवानिवृत्ति में अब 3 वर्ष बाकी है और जो गंभीर बीमारी या विकलांगता से पीड़ित हैं। तबादलों में वरीयता क्रम निर्धारित किया गया है।

नई नीति के अनुसार शिक्षकों को निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की निजी पदस्थापना में पदस्थ नहीं किया जाएगा। यह भी बताया गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के तबादले के लिए आवेदन ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। उत्कृष्ट स्कूल, मॉडल स्कूल और सीएम राइस स्कूलों में स्वेच्छिक तबादले नहीं होंगे। साथ ही प्राचार्य, सहायक संचालक या उससे वरिष्ठ पदों के स्थानांतरण आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे लेकिन उनका निराकरण ऑफलाइन भी किया जा सकेगा। रिलीविंग और जॉइनिंग की कार्रवाई ऑनलाइन होगी।

नई पॉलिसी के अंतर्गत कहा गया है कि नवीन नियुक्त शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में कम से कम 3 वर्ष और अपने संपूर्ण सेवाकाल में न्यूनतम 10 साल तक कार्य करना होगा।
10 वर्ष से अधिक अवधि तक एक ही विद्यालय में शहरी क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षक विहीन विद्यालयों में पदस्थ किया जाएगा। एक बार स्वेच्छिक स्थानांतरण होने के बाद 3 वर्ष तक तबादला नहीं किया जाएगा।

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