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MP Govt Scheme: नकली खाद और कालाबाजारी की खबर दो, ₹1000 इनाम पाओ- मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की ‘सूचना दाता प्रोत्साहन योजना’, पहचान रहेगी गुप्त

MP Govt Scheme: नकली खाद और कालाबाजारी की खबर दो, ₹1000 इनाम पाओ- मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की 'सूचना दाता प्रोत्साहन योजना', पहचान रहेगी गुप्त

कटनी: मध्य प्रदेश के किसानों को नकली, मिलावटी खाद और कालाबाजारी के दंश से बचाने के लिए मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा और अनोखा दांव खेला है। सूबे के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” का शंखनाद किया गया है। MP Govt Scheme: नकली खाद और कालाबाजारी की खबर दो, ₹1000 इनाम पाओ- मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की ‘सूचना दाता प्रोत्साहन योजना’, पहचान रहेगी गुप्त

इस योजना के तहत अब कोई भी आम नागरिक या किसान अगर खाद (उर्वरक) से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की पोल खोलेगा, तो सरकार उसे 1,000 रुपये का नकद इनाम देगी।

1. योजना का मकसद: माफियाओं पर नकेल और किसानों की भागीदारी

सरकार की इस मुहिम का असली मकसद केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है:

  • अवैध धंधों पर परमानेंट ब्रेक: नकली एवं मिलावटी खाद के निर्माण, अवैध भंडारण और वितरण को पूरी तरह समाप्त करना।

  • मजबूत होगी कानूनी कार्रवाई: आम जनता की सक्रिय भागीदारी से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सटीक और समय पर इनपुट मिलेंगे।

  • समय सीमा: यह विशेष योजना 30 सितम्बर 2026 तक पूरे मध्य प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू रहेगी।

2. किन गड़बड़ियों की दे सकते हैं सूचना?

यदि आपके आस-पास नीचे दी गई कोई भी अवैध गतिविधि हो रही है, तो आप बेझिझक उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से उर्वरक/खाद बेचना।

  • निर्धारित तय सीमा से अधिक मात्रा में खाद का अवैध भंडारण (जमाखोरी) करना।

  • खाद की किल्लत पैदा कर उसे ऊंचे दामों पर बेचना (कालाबाजारी)।

  • नकली या मिलावटी खाद का निर्माण और उसकी बिक्री करना।

  • किसानों के लिए आने वाली सब्सिडी (अनुदानित) वाली खाद का फैक्ट्रियों या उद्योगों में कमर्शियल इस्तेमाल करना।

🤫 पहचान की 100% गोपनीयता: सूचना देने वाले व्यक्ति, किसान या व्यापारी का नाम और पता पूरी तरह से गुप्त (Confidential) रखा जाएगा। बिना आपकी अनुमति के किसी भी स्तर पर आपकी जानकारी उजागर नहीं की जाएगी।

3. कैसे और कहाँ देनी होगी जानकारी? (ये है पूरा प्रोसेस)

  • हेल्पलाइन नंबर: शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकार ने सी.एम. किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 जारी किया है।

  • कॉल करने का समय: कार्यालयीन समय (सुबह 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक) ही कॉल मान्य होगी। MP Govt Scheme: नकली खाद और कालाबाजारी की खबर दो, ₹1000 इनाम पाओ- मध्य प्रदेश सरकार ने शुरू की ‘सूचना दाता प्रोत्साहन योजना’, पहचान रहेगी गुप्त

  • क्या-क्या बताना होगा?: शिकायत करते समय आपको अवैध गतिविधि का सटीक स्थान (लोकेशन), समय, संबंधित व्यक्ति या दुकान/संस्था का नाम-पता और यदि आपके पास कोई सबूत (फोटो, वीडियो या दस्तावेज) हो, तो उसकी जानकारी देनी होगी।

  • बैंक खाता जरूरी: इनाम की राशि सीधे आपके अकाउंट में भेजने के लिए सूचनादाता को अपने बैंक खाते का विवरण (Account Details) भी देना होगा।

4. कैसे होगी जांच और कब मिलेगा ₹1,000 का इनाम?

  1. कलेक्टर की टीम करेगी रेड: सूचना मिलते ही संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा गठित एक विशेष टीम (जिसमें उर्वरक निरीक्षक यानी फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर का होना अनिवार्य है) मौके पर जाकर औचक जांच और कार्रवाई करेगी।

  2. सफल कार्रवाई पर मिलेगा रिवॉर्ड: यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और माल की जब्ती या दोष सिद्ध हो जाता है, तो प्रति सफल सूचना पर 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मंजूर की जाएगी।

  3. 30 दिनों में खाते में आएगा पैसा: जिला कलेक्टर द्वारा हरी झंडी मिलते ही यह राशि 30 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर सीधे सूचनादाता के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

इस योजना के जिला स्तर पर नोडल अधिकारी उप संचालक (किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग) बनाए गए हैं, जो हर एक शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन करेंगे।

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