MP ब्रेकिंग: ड्रग लाइसेंस के खेल में रिश्वतखोरी का खुलासा- सवालों के घेरे में ड्रग इंस्पेक्टर रामचंदानी; आरोपों के बाद भी प्रशासन मौन
MP ब्रेकिंग: ड्रग लाइसेंस के खेल में रिश्वतखोरी का खुलासा- सवालों के घेरे में ड्रग इंस्पेक्टर रामचंदानी; आरोपों के बाद भी प्रशासन मौन

कटनी: शहर में स्वास्थ्य और जीवन रक्षक दवाओं से जुड़े ड्रग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर एक बहुत बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। ड्रग लाइसेंस बनवाने के नाम पर सीधे ड्रग इंस्पेक्टर से सांठगांठ और मोटी रिश्वतखोरी के दावों का भंडाफोड़ हुआ है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस महाखुलासे के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली है।
MP ब्रेकिंग: ड्रग लाइसेंस के खेल में रिश्वतखोरी का खुलासा- सवालों के घेरे में ड्रग इंस्पेक्टर रामचंदानी; आरोपों के बाद भी प्रशासन मौन
यशभारत क्विक फैक्ट बॉक्स: क्या है पूरा मामला?
- मुख्य आरोप: नया ड्रग लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर सांठगांठ और अवैध वसूली।
- निशाने पर कौन: ड्रग इंस्पेक्टर उमेष रामचंदानी पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- प्रशासन का रवैया: मामला पूरी तरह उजागर होने के बाद भी जांच और जवाबदेही को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी।
- बड़ा सवाल: लोगों की सेहत से जुड़े इस संवेदनशील विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपी को अब तक खुली छूट क्यों?
इनसाइड स्टोरी: आखिर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक, शहर में बिना ‘ले-दे’ के ड्रग लाइसेंस मिलना लगभग नामुमकिन हो चुका है। ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी का नाम सीधे तौर पर इस सिंडिकेट से जुड़ने के बावजूद अब तक न तो उनका ट्रांसफर किया गया है और न ही कोई विभागीय जांच बिठाई गई है। इस रहस्यमयी चुप्पी से अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं कि आखिर इस पूरे खेल के पीछे किसका वरदहस्त (संरक्षण) है?
जनता की सेहत से खिलवाड़
दवाओं का व्यापार सीधे तौर पर आम जनता की जान से जुड़ा होता है। ऐसे में बिना उचित मापदंडों के, सिर्फ रिश्वत के दम पर लाइसेंस बांटने से नकली और अमानक दवाओं के बाजार में आने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
‘यशभारत’ के तीखे सवाल:
भ्रष्टाचार के पुख्ता दावे सामने आने के बाद भी कमिश्नर और कलेक्टर इस मामले में मौन क्यों हैं?
क्या ड्रग इंस्पेक्टर उमेष रामचंदानी को बचाने के लिए फाइलों को दबाने की कोशिश की जा रही है?
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस पूरे सिंडिकेट पर सख्त एक्शन कब लेंगे?
निष्कर्ष: इस बड़े खुलासे के बाद अब शहर के जागरूक नागरिकों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। देखना होगा कि इस रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार अधिकारी अपनी चुप्पी तोड़ते हैं या भ्रष्टाचारियों का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।














