टिकटॉक की नई मालकिन बन सकती है माइक्रोसॉफ्ट, 300 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर
टिकटॉक की नई मालकिन बन सकती है माइक्रोसॉफ्ट, 300 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर

टिकटॉक की नई मालकिन बन सकती है माइक्रोसॉफ्ट, 300 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि माइक्रोसॉफ्टर, चाइनीज एप टिकटॉक के अमेरिकी व्यापार को खरीद सकती है। ट्रंप ने बताया कि दोनों पक्षों में फिलहाल बात हो रही है। ट्रंप ने ये भी कहा कि वह चाहते हैं कि अन्य कंपनियां भी टिकटॉक के लिए बोली लगाएं।
ट्रंप ने कहा ‘कई अन्य कंपनियां भी हैं, जो टिकटॉक को खरीदना चाहती हैं। वे चाहते हैं कि अमेरिका के पास टिकटॉक का 50 फीसदी मालिकाना हक रहे।’ इससे पहले ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि टेस्ला के सीईओ और ट्रंप के करीबी एलन मस्क और ओरेकल कॉर्प के चेयरमैन लैरी एलिसन टिकटॉक का अधिग्रहण करें क्योंकि वे नहीं चाहते कि टिकटॉक का पूरा मालिकाना हक चीन के पास रहे। इससे पहले शनिवार को भी ट्रंप ने कहा था कि ‘कई लोगों ने मुझसे इस बारे में बात की है। सभी लोग टिकटॉक में रुचि रखते हैं और इस समझौते से अमेरिका को काफी फायदा होगा और मैं ये सिर्फ अमेरिका के फायदे के लिए ही कर रहा हूं।’
अमेरिकी एआई कंपनी परप्लेक्सिटी ने भी टिकटॉक खरीदने में रुचि दिखाई है। कंपनी ने अमेरिकी टिकटॉक को 300 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर दिया है। समझौते के तहत टिकटॉक में 50 फीसदी हिस्सेदारी अमेरिकी सरकार के पास रहेगी। हालांकि अमेरिकी सरकार को बोर्ड में जगह नहीं मिलेगी और न ही फैसलों पर वोटिंग का अधिकार होगा। बोर्ड में टिकटॉक की पैरेंटिंग कंपनी बाइटडांस को जगह दी जा सकती है।
अमेरिका में टिकटॉक के 17 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इससे पहले अमेरिका ने सुरक्षा चिंताओं के चलते टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। इसे लेकर अमेरिकी सरकार एक कानून भी लेकर आई। कानून के तहत 19 जनवरी को टिकटॉक को अमेरिका में बंद कर दिया गया। हालांकि ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद संकेत दिए थे कि वे टिकटॉक को जारी रखने के पक्ष में हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश से टिकटॉक को 75 दिनों की मोहलत दी है, जिसके तहत टिकटॉक को अमेरिका में अपने बिजनेस को किसी अमेरिकी कंपनी को बेचना होगा।








