182 दिन बाद खत्म होगा दहन काल
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 2 मई 2026 को सुबह करीब 4:30 बजे मंगल का दहन समाप्त होगा और वे पुनः उदित होंगे। जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब चला जाता है, तो उसकी शक्ति कमजोर हो जाती है और इसे दहन या अस्त होना कहा जाता है। इस दौरान ग्रह अपना पूरा प्रभाव नहीं दे पाता। लेकिन जैसे ही वह सूर्य से दूर होकर फिर से दिखाई देने लगता है, उसे उदय कहा जाता है और उसकी शक्ति फिर से सक्रिय हो जाती है।
मंगल उदय से बढ़ेगी ऊर्जा और आत्मविश्वास
मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और भाई-बंधुओं का कारक माना जाता है। ऐसे में इसके उदय होने से जीवन में ठहराव खत्म होता है और नई ऊर्जा का संचार होता है। जिन लोगों को पिछले कुछ समय से कामों में रुकावट या मानसिक सुस्ती महसूस हो रही थी, उन्हें अब राहत मिल सकती है।
इन राशियों को मिलेगा खास फायदा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल के उदय का सबसे सकारात्मक प्रभाव मेष, वृश्चिक और तुला राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। इन राशि वालों के करियर में गति आएगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से अटके काम पूरे होने के संकेत मिल रहे हैं।
क्या बदल सकता है आपके जीवन में?
मंगल के सक्रिय होने से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और जोखिम उठाने का साहस बढ़ता है। इसके साथ ही भूमि, संपत्ति और करियर से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, 2 मई 2026 को होने वाला मंगल का उदय कई लोगों के लिए नई शुरुआत और ऊर्जा का संकेत लेकर आ रहा है। हालांकि ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्ति की कुंडली और ग्रह स्थिति पर भी निर्भर करता है, इसलिए इसे सामान्य संकेत के रूप में ही देखा जाना चाहिए।