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संदेशखाली में तालाब से निकले हथियारों का जखीरा; छापेमारी से पहले भागे शाहजहां के करीबी रॉबिन-गोपाल, अब पंचायत समिति अध्यक्ष के घर रेड

संदेशखाली में तालाब से निकले हथियारों का जखीरा; छापेमारी से पहले भागे शाहजहां के करीबी रॉबिन-गोपाल, अब पंचायत समिति अध्यक्ष के घर रेड

संदेशखाली में तालाब से निकले हथियारों का जखीरा; छापेमारी से पहले भागे शाहजहां के करीबी रॉबिन-गोपाल, अब पंचायत समिति अध्यक्ष के घर रेड

कोलकाता/संदेशखाली: पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों को हिला देने वाली एक बेहद कड़क खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार (6 जून) को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में एक बड़ी और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान टीएमसी (TMC) के एक स्थानीय नेता के तालाब के भीतर छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.

इस हथियारों के जखीरे की बरामदगी के बाद एसटीएफ का एक्शन और कड़ा हो गया है, जिसके तहत इलाके की पंचायत समिति अध्यक्ष के घर भी ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है.

 तालाब के पानी से उगले मौत के सामान; छापेमारी से पहले फरार हुए भाई

एसटीएफ की टीम ने शनिवार की सुबह संदेशखाली और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को कड़ाई से घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया:

  • शाहजहां के करीबियों पर शिकंजा: एसटीएफ की टीम सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता रॉबिन दास और उनके भाई गोपाल दास के घर पहुंची। ये दोनों भाई संदेशखाली कांड के मुख्य आरोपी शेख शाहजहां के बेहद करीबी और खास गुर्गे बताए जाते हैं.
  • तालाब में छिपा था जखीरा: जब पुलिस ने उनके घर और आसपास के पूरे विन्यास की सघन चेकिंग की, तो वहां मौजूद एक तालाब की तलाशी के दौरान पानी के नीचे से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए। अधिकारियों का मानना है कि इन हथियारों को इलाके में बड़े पैमाने पर अशांति फैलाने और आतंक का माहौल बनाने के लिए जमा किया गया था.
  • पहले ही भाग निकले आरोपी: एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, इस कड़क ऑपरेशन की भनक लगते ही रॉबिन दास और गोपाल दास छापेमारी से ठीक पहले इलाके से फरार हो गए। दोनों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है. इन दोनों पर पहले भी स्थानीय ग्रामीणों और विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने व हिंसा फैलाने के कड़े आरोप लग चुके हैं.

    संदेशखाली में तालाब से निकले हथियारों का जखीरा; छापेमारी से पहले भागे शाहजहां के करीबी रॉबिन-गोपाल, अब पंचायत समिति अध्यक्ष के घर रेड

 अब पंचायत समिति अध्यक्ष रौउफन यासमीन मोल्ला के घर STF की रेड

तालाब से हथियारों का महा-जखीरा मिलने के तुरंत बाद जांच एजेंसियों ने अपने विन्यास को और कड़ा कर दिया है:

  1. अध्यक्ष के ठिकाने पर दबिश: इसी कड़ी में एसटीएफ की टीमों ने संदेशखाली-2 ब्लॉक पंचायत समिति की अध्यक्ष रौउफन यासमीन मोल्ला के घर पर भी अचानक कड़क छापेमारी शुरू कर दी है.
  2. पुराना है विवादों से नाता: स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पंचायत समिति अध्यक्ष का नाम पहले भी कई विवादों और गंभीर आरोपों में सामने आ चुका है। उन पर क्षेत्र में चुनावी और राजनीतिक हिंसा को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने के आरोप हैं.
  3. ED टीम पर हमले से भी जुड़ा है कनेक्शन: गौरतलब है कि वर्ष 2024 में जब राशन घोटाला मामले की जांच के दौरान ईडी (ED) ने शेख शाहजहां के सरबेड़िया स्थित घर पर छापेमारी की थी, तब केंद्रीय अधिकारियों पर जो हिंसक हमला हुआ था, उस साजिश में भी रौउफन यासमीन का नाम प्रमुखता से जुड़ा था। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी उनसे पहले कड़ाई से पूछताछ कर चुकी है

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