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Katni Hare madhav : शाही पंडाल में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

कटनी। माधवनगर के बरसी मेले में उमड़ी भीड़ ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए। शहर एवं देश के कोने-कोने से आए श्रद्घालुओं ने आस्था के सागर में गोते लगाए। सारा आलम बाबा माधवशाह, बाबा नारायणशाह के जयकारों से गूंज उठा। दरबार में बनाए गए शाही पंडाल में हजारों हाथ हरे माधव के बोल के साथ खड़े हो गए। सत्संग भजन, कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। आज रात्रि बाबा ईश्वरशाह के आध्यात्मिक सत्संग के साथ बरसी मेले का समापन हो जाएगा। भजन मंडलियों के कीर्तन ने बरसी मेले में चार चांद लगा दिए। चहुंओर बस यही स्वर सुनाई पड़ रहे हैं, जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा।
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बरसी महोत्सव के पहले दिन शाही पंडाल में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में अपने श्रीमुख से बाबा ईश्वरशाह ने कहा कि बरसी जैसे पावन पर्व जीवों को असलता का भेद प्रदान करने के लिए मनाये जाते हैं। ये रूहानी जलसे भक्ति को अंतर में भरने की और अंतर में बसाकर परमात्मा में एक रूप होने की रूहानी कला सिखाते हैं, जिस प्रकार सूर्योदय से अंधेरे का नाश होता है, रूहानी जलसों में अंतर के नूर को जगाने और परम प्रकाश को पाने की कला मिलती है और अंतर का अंधेरा नष्ट हो जाता है। जीव परम प्रकाश की ओर अग्रसर हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय के बाद जीव कहीं भी रहे, उसे प्रकाश मिलता है, विदेही मुक्त संतजन भी जीवों को असलता का परिचय कराकर परम प्रकाश से जोड़ते हैं।
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बरसी महोत्सव के दूसरे और आखिरी दिन आज प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक बाबा ईश्वर शाह द्वारा अमृत वर्षा के साथ दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आम भण्डारा (लंगर) का आयोजन किया गया। मेलास्थल पर बने सुसज्जित पंडाल में सतगुरू साहब के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से आए भक्तों का रेला लगा रहा। बरसी मेले के अवसर पर समूचे माधवनगर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया था। लाउडस्पीकरों के जरिए समूचे क्षेत्र में बाबा की भक्ति से सम्बंधित गीतों का सिलसिला जारी है, जो आज देर रात्रि तक चलता रहेगा। पिछले वर्षों की तरह आयोजन को लेकर इस वर्ष भी युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सेवाकार्यों में युवाओं के समूह व्यस्त नजर आए। विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने भी मेला स्थल पर इंतजामों का जिम्मा सम्हाले रखा।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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