Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ ‘खजूर’
Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ 'खजूर'
Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ ‘खजूर’
कटनी: त्योहारों और आम दिनों में नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और नियमों को ताक पर रखकर दुकान चलाने वालों के खिलाफ कटनी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। कटनी के बरगवां क्षेत्र में अवमानक (सब-स्टैंडर्ड/मिलावटी) खजूर बेचने और बिना वैध रजिस्ट्रेशन के व्यापार संचालित करने के एक गंभीर मामले में अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी श्री नीलांबर मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई की है। अपर कलेक्टर कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषी खाद्य व्यवसायी पर कुल ₹70,000 (70 हजार रुपये) का तगड़ा आर्थिक दंड (जुर्माना) ठोक दिया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दी थी दबिश, बिना FSSAI रजिस्ट्रेशन के बिक रहा था माल
इस पूरी दंडात्मक कार्रवाई की नींव दो साल पहले हुई एक औचक छापेमारी के दौरान पड़ी थी:
- औचक निरीक्षण: खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवकी सोनवानी द्वारा 24 जून 2024 को कटनी के बरगवां क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठान ‘मेशर्स चक्रवर्ती ब्रदर्स एण्ड कम्पनी’ का औचक निरीक्षण किया गया था।
- खुले में बिक्री और कोई लाइसेंस नहीं: निरीक्षण के दौरान दुकान में बड़े पैमाने पर खुले रूप में खजूर (डेट्स) का विक्रय किया जा रहा था। जब अधिकारी ने दुकान के वैधानिक दस्तावेज मांगे, तो मौके पर संचालक के पास FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) का अनिवार्य पंजीयन/लाइंसेंस तक नहीं पाया गया। टीम ने संदेह के आधार पर तत्काल खजूर के सैंपल (नमूने) जब्त किए थे।
लैब टेस्ट में फेल हुआ खजूर; नोटिस का भी नहीं दिया जवाब
खाद्य विभाग की टीम द्वारा जब्त किए गए खजूर के नमूनों को तुरंत सील कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला (State Food Laboratory) भेजा गया था:
- अवमानक घोषित: प्रयोगशाला से प्राप्त अंतिम जांच रिपोर्ट में चक्रवर्ती ब्रदर्स का खजूर पूरी तरह ‘अवमानक’ (सब-स्टैंडर्ड) पाया गया, जो इंसानी सेहत के लिए हानिकारक था।
- लापरवाही की हद: रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार प्रतिष्ठान के विक्रेता प्रतीक चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन कानून को ठेंगा दिखाते हुए विक्रेता द्वारा समय सीमा में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।Katni Food Department Action: कटनी में मिलावटखोरों पर अपर कलेक्टर की बड़ी गाज; चक्रवर्ती ब्रदर्स पर लगा 70 हजार का जुर्माना, जांच में फेल हुआ ‘खजूर’
कोर्ट ने सुनाया फैसला: 30 दिन के भीतर पैसा जमा करने का अल्टीमेटम
सभी पुख्ता दस्तावेजों, प्रयोगशाला की रिपोर्ट और व्यवसायी की घोर लापरवाही के आधार पर अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी श्री नीलांबर मिश्रा की कोर्ट ने माना कि संचालक द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2)(ii), 51 एवं 31(1) का खुला उल्लंघन किया गया है।
कोर्ट द्वारा लगाया गया पृथक जुर्माना:
- अवमानक/मिलावटी खजूर बेचने पर: ₹50,000 (पचास हजार रुपये)
- बिना FSSAI पंजीयन व्यापार करने पर: ₹20,000 (बीस हजार रुपये)
- कुल आर्थिक दंड: ₹70,000
सख्त निर्देश: न्यायालय ने प्रतिष्ठान संचालक प्रतीक चक्रवर्ती को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि वह जुर्माने की यह पूरी राशि 30 दिनों के भीतर हर हाल में निर्धारित सरकारी मद में जमा करे। यदि तय समय सीमा में जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दुकान सील करने और जेल भेजने जैसी सख्त कुर्की व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








