ड्यूटी से पहले अल्कोहल टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल से भागा लोको पायलट, सवालों में घिरी रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, ड्रिंक करके ट्रेनों का परिचालन कर रहे कुछ लोको व सहायक लोको पायलट!
25 से 30 हजार रुपए की लालच में रेल यात्रियों की जान से खेल रहे जिम्मेदार
कटनी (YASHBHARAT.COM)। जबलपुर मंडल के न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) में रेलवे सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लोको पायलट चेतन मीणा को रात्रि 22:50 बजे निर्धारित ट्रेन के संचालन हेतु ड्यूटी दी गई थी। साइन-ऑन के दौरान किए गए ब्रीथ एनालाइजर परीक्षण में उनके अल्कोहल टेस्ट का परिणाम कथित रूप से पॉजिटिव पाया गया।
सूत्रों के अनुसार नियमानुसार रक्त परीक्षण के लिए लोको इंस्पेक्टर आर. के. पाल उन्हें एनकेजे रेलवे अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान उनके दो सहयोगी, राजदीप माधव और प्रशांत यादव, उन्हें वहां से अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि बाद में संबंधित कर्मचारी एमजीएम अस्पताल में भर्ती हो गए।
मामले से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रक्त में अल्कोहल की मात्रा की पुष्टि के लिए आवश्यक रक्त नमूना सुबह लगभग 6 बजे तक नहीं दिया गया। आरोप यह भी है कि इस दौरान ऐसी दवाइयां ली गईं जिनसे रक्त में अल्कोहल की मात्रा प्रभावित हो सकती थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक घटना की जानकारी रेलवे के उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई थी। इसके बावजूद मामले को लेकर कर्मचारियों और रेल सुरक्षा से जुड़े लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। रेलवे में लोको पायलट द्वारा ट्रेन संचालन लाखों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, ऐसे में यदि किसी कर्मचारी का अल्कोहल टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है तो निर्धारित प्रक्रिया का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
अब यह देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और क्या इस प्रकरण में रेलवे सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित न रहकर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
इस तरह होता है खेल
रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोको पायलट चेतन मीना, सहायक लोको पायलट प्रशांत यादव, राजदीप माधव ये तीनों एनकेजे ड्राइवर लाबी में जो भी पायलट या सहायक लोको पायलट ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव आते हैं, उनसे 25000 से 30000 हजार रुपए की वसूली करते हैं और फिर उनकी टेस्ट का रिपोर्ट मैनेज कराते हैं l इस तरह कुछ लोको पायलट व सहायक लोको पायलट लगातार ड्रिंक करके रेल यात्रियों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करने का काम करते हैं । रेल प्रशासन बीते कुछ महीनों में ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव आए हुए लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट की जांच कर उचित कार्रवाई करे, जिससे रेल यात्रियों की सुरक्षा निश्चित हो सके। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एस के तिवारी, सर्वेश सिंह, बी एल मीणा, राज कुमार मीणा जैसे कुछ लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट लगातार ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में फेल होने के बाद भी रेल गाड़ियों का संचालन कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है और रेल प्रशासन को इसमें रोक लगाने सख्त कदम उठाने चाहिए।
नोट: उपरोक्त विवरण उपलब्ध जानकारी और रेल सूत्रों के दावों पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और रेलवे प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही माना जाना चाहिए।








