जबलपुर: फेसबुक पर युवक की फर्जी ID बनाकर सालभर से हो रहा था खेल; रिश्तेदार हैरान, जांच में जुटी साइबर सेल
जबलपुर: फेसबुक पर युवक की फर्जी ID बनाकर सालभर से हो रहा था खेल; रिश्तेदार हैरान, जांच में जुटी साइबर सेल

जबलपुर: फेसबुक पर युवक की फर्जी ID बनाकर सालभर से हो रहा था खेल; रिश्तेदार हैरान, जांच में जुटी साइबर सेल
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए एक युवक की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। मझौली के ग्राम टिखरा निवासी एक युवक के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर कोई अज्ञात जालसाज पिछले एक साल से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल (Fake ID) चला रहा था। पीड़ित की शिकायत पर अब जिला साइबर सेल ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
1 साल से चल रहा था फर्जी फेसबुक अकाउंट
शिकायतकर्ता ईश्वर पटेल (33 वर्ष) ने जिला साइबर सेल को दिए अपने आवेदन में पूरे मामले का खुलासा किया। पीड़ित के अनुसार:
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पिछले करीब एक वर्ष से कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर फेसबुक पर एक सक्रिय फर्जी आईडी संचालित कर रहा है।
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इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए समाज, रिश्तेदारों और मित्रों के बीच उनके खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक छवि और पारिवारिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
दोस्तों से ली मदद, पर नहीं लगा सुराग
पीड़ित ईश्वर पटेल ने पुलिस को बताया कि जब उन्हें इस फर्जी अकाउंट की भनक लगी, तो उन्होंने खुद अपने स्तर पर इसकी छानबीन करने की कोशिश की। उन्होंने अपने कई करीबियों, मित्रों और रिश्तेदारों को वह फेसबुक आईडी दिखाकर यह जानने का प्रयास किया कि इसके पीछे कौन हो सकता है, लेकिन शातिर जालसाज का कोई सुराग नहीं मिल सका। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित को पुलिस की शरण लेनी पड़ी।
साइबर सेल करेगी ‘IP एड्रेस’ से तकनीकी जांच
थक-हारकर पीड़ित ने जबलपुर जिला साइबर सेल में अज्ञात आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि:
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इस फर्जी फेसबुक आईडी की गहन तकनीकी जांच (Technical Investigation) की जाए।
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फेसबुक डेटा और आईपी एड्रेस (IP Address) के जरिए इस फर्जी प्रोफाइल को ऑपरेट करने वाले मुख्य संचालक की पहचान की जाए।
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आरोपी का पता लगाकर उसके खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।
मझौली थाना पुलिस और साइबर सेल ने आवेदन स्वीकार करते हुए मामले को जांच में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फेसबुक नोडल अधिकारी से संपर्क कर इस फर्जी आईडी को ब्लॉक कराया जाएगा और इसे बनाने वाले को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।








