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Jabalpur : सिर्फ आयुध निर्माणियों का ही नहीं ,शहर के भविष्य का सवाल है

जबलपुर । निगमीकरण का मुद्दा सिर्फ आयुध निर्माणियों का नहीं है। यह जबलपुर शहर के भविष्य के सवाल से भी जुड़ा है। सवा सौ वर्ष से शहर की आर्थिक रीढ़ यहां के सुरक्षा कारखाने ही हैं ।जहां रोजगार के साथ लघु उद्योगों का भविष्य भी जुड़ा है ।
उक्त उद्गार जीसीएफ में हुई ऐतिहासिक सभा में मुख्य वक्ता एचएल विश्वकर्मा ने व्यक्त किए । इस मौके पर शरद बोरकर ने कहा कि सन 1904 से जीसीएफ काम और आंदोलन दोनों के मामले में अग्रणी रहा है।
जगजीत सिंह जीते ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो शहर के सुरक्षा मजदूर दिल्ली कूच करने से भी नहीं चूकेगेंं। सभा का आलम यह रहा कि तीनों गेट से जाने वाले कर्मचारी आज एक ही गेट से गए। लगभग सवा घंटे से अधिक चली सभा के कारण गेट और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई ।इस मौके पर मिठाई लाल रजक, संजय दिलराज, पीआर भारद्वाज आदि के साथ सभी यूनियन और राजपत्रित तथा अराजपत्रित एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे ।इसके पूर्व कल शुक्रवार की शाम को खमरिया फैक्ट्री में लाल झंडा और इंटक यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में निगमीकरण का पुतला गेट नंबर चार पर दहन किया गया ।सुबह नारेबाजी एवं प्रदर्शन के बाद शाम को पुतला दहन किया गया ।
जिसमें सुनील श्रीवास्तव ,अनूप सीरिया ,के बी एस चौहान, अर्नव दास गुप्ता ,आनंद शर्मा, अखिलेश पटेल, शरद अलवाल, मुकेश विनोदिया, सुरेश कन्ना आदि ने सभा को संबोधित कर केंद्र सरकार को चेतावनी दी। व्हीकल फैक्ट्री में राष्ट्रीय कामगार यूनियन ,श्रमिक सेवा संघ एवं मजदूर यूनियन के तत्वावधान में सभाओं का आयोजन किया गया। जिसमें जय मूर्ति मिश्रा ,शैलेश सिंह, संतोष सोनी, आर के गोटिया ,रामचंद्र, नितिन चाकर, नितेश सिंह आदि ने अगली लड़ाई के लिए सब को तैयार रहने का आह्वान किया। जीआईएफ में मजदूर यूनियन की द्वार सभा में श्री राममीणा, मनोज साहू राजेंद्र कुर्मी आदि ने संबोधित किया

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