Iran-US Tension: ईरान के नए सुप्रीम लीडर खामेनेई की खाड़ी देशों को खुली धमकी-‘अमेरिका के लिए ढाल बने तो नक्शे से मिटा देंगे
Iran-US Tension: ईरान के नए सुप्रीम लीडर खामेनेई की खाड़ी देशों को खुली धमकी-‘अमेरिका के लिए ढाल बने तो नक्शे से मिटा देंगे
इंटरनेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण युद्ध और सीजफायर (युद्धविराम) की चर्चाओं के बीच ईरान के नवनियुक्त 58 वर्षीय सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अमेरिका और उसके सहयोगी अरब देशों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी एक लिखित संदेश में खामेनेई ने साफ कहा है कि खाड़ी देश (सऊदी अरब, यूएई और कतर) अब अपने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम करना बंद करें, अन्यथा उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना होगा।
दिलचस्प बात यह है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हालिया हमलों और उसके बाद ईरान की कड़े जवाबी प्रहार के बाद से ही नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई कभी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए हैं, लेकिन उनके लिखित बयान लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।
अमेरिका ‘महान शैतान’ और इजरायल उसका ‘प्रशिक्षित जानवर’ है
ईद-अल-अधा के मौके पर जारी इस लिखित संदेश में मुज्तबा खामेनेई ने इजरायल और अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिकी हुकूमत को ‘महान शैतान’ और इजरायल को ‘उसका प्रशिक्षित जानवर’ करार दिया।
ईरानी सरकारी टेलीविजन और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) के मुताबिक, खामेनेई ने ईरान के सशस्त्र बलों की जमकर तारीफ की और दावा किया:
“हम इजरायल का नामोनिशान मिटा देंगे, यह देश अगले 25 वर्षों के भीतर नक्शे पर अस्तित्व में नहीं रहेगा।”
पड़ोसी अरब देशों को साफ संदेश: “समय का पहिया पीछे नहीं घूमेगा
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे अपने पड़ोसी मुस्लिम देशों को बिना नाम लिए सीधे तौर पर चेताया है। उन्होंने कहा कि अगर इन देशों ने अपनी धरती पर बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने दिया, तो ईरान उन पर भी हमला करने से नहीं हिचकिचाएगा।
खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा:
“इस पूरे मामले में एक बात पूरी तरह निश्चित है कि समय का पहिया अब पीछे नहीं घूमेगा। इस क्षेत्र के राष्ट्र और उनकी भूमि अब अमेरिकी ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे। अब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं रहने वाला है।”
मिडिल ईस्ट में खत्म हुआ अमेरिका का दबदबा
ईरानी सर्वोच्च नेता का मानना है कि मध्य पूर्व में अमेरिका का जो पुराना एकतरफा दबदबा था, वह अब हमेशा के लिए दफन हो चुका है और वाशिंगटन चाहकर भी उस पुराने दौर को वापस नहीं ला सकता। खामेनेई के मुताबिक, अमेरिका इस क्षेत्र में अपना प्रभाव लगातार खो रहा है और “हर गुजरते दिन के साथ अपनी पूर्व स्थिति से और दूर होता जा रहा है।”
तनाव के बीच सीजफायर (Ceasefire) की उम्मीदें भी तेज
एक तरफ जहां जुबानी जंग और धमकियों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे शांति की कोशिशें भी चल रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई मध्यस्थ देशों की मदद से दोनों पक्षों (ईरान और अमेरिका) ने एक ऐसे समझौता ज्ञापन (MoU) की दिशा में प्रगति के संकेत दिए हैं जो इस विनाशकारी युद्ध को रोक सकता है। इस कूटनीतिक बातचीत के तहत वार्ताकारों को एक व्यापक और स्थायी समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिन का समय दिए जाने की चर्चा है।

