किसान नाथूलाल चौधरी हत्याकांड में जनपद उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत 8 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 2 लाख रुपये का जुर्माना

किसान नाथूलाल चौधरी हत्याकांड में जनपद उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत 8 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 2 लाख रुपये का जुर्माना, रतलाम जिले के ग्राम कंचनखेड़ी में वर्ष 2024 में हुए चर्चित किसान नाथूलाल चौधरी हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जंगबहादुर सिंह राजपूत की अदालत ने जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत सभी आठ आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर ₹20,000 और ₹5,000 मिलाकर कुल ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) का अर्थदंड भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला?
अदालती दस्तावेजों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार घटना की शुरुआत 24 जनवरी 2024 को हुई थी:
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फरियादी का बयान: फरियादी विकास चौधरी (पुत्र मुकेश चौधरी) ने 24 जनवरी 2024 को जीएमसी (GMC) रतलाम में इलाज के दौरान पुलिस को दिए अपने बयान में बताया था कि वह अपने नानाजी के घर ग्राम कंचनखेड़ी में रहकर खेती-बाड़ी का काम करता है।
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घटना का दिन: वारदात के दिन सुबह लगभग 11 बजे फरियादी के रिश्ते के नानाजी नाथूलाल चौधरी अपने खेत पर जा रहे थे।
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सिंचाई के दौरान हमला: उसी समय फरियादी विकास और उसके मामा जितेंद्र जाट खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए पानी के पाइप जोड़ने का काम कर रहे थे, तभी रंजिश के चलते आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें नाथूलाल चौधरी की जान चली गई थी।
कोर्ट का कड़ा रुख: 8 दोषियों को मिली सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जनपद उपाध्यक्ष सुरेश जाट और उनके 7 सहयोगियों को हत्या का दोषी पाया और सभी 8 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।








