‘दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ में मध्य प्रदेश देश में नंबर-1- शीर्ष नेतृत्व ने आंका सबसे सर्वश्रेष्ठ; समीक्षा बैठक में दिखे कड़े तेवर
'दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान' में मध्य प्रदेश देश में नंबर-1- शीर्ष नेतृत्व ने आंका सबसे सर्वश्रेष्ठ; समीक्षा बैठक में दिखे कड़े तेवर

‘दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ में मध्य प्रदेश देश में नंबर-1- शीर्ष नेतृत्व ने आंका सबसे सर्वश्रेष्ठ; समीक्षा बैठक में दिखे कड़े तेवर
भोपाल: मध्य प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संगठन के मामले में उसे ‘गढ़’ क्यों कहा जाता है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ में मध्य प्रदेश ने देश भर में बाजी मार ली है।
दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किए गए मूल्यांकन में पश्चिम मध्य क्षेत्र के सात राज्यों में मध्य प्रदेश के मंडल और जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों को सबसे सर्वश्रेष्ठ और अव्वल आंका गया है। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद जहां एमपी बीजेपी में उत्साह है, वहीं आगामी लक्ष्यों को लेकर हाईकमान बेहद गंभीर नजर आ रहा है।
प्रदेश कार्यालय में महा-मंथन: दिग्गजों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
मंगलवार को राजधानी भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय (समिधा) में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई:
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दिग्गजों की रही मौजूदगी: इस बैठक में मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन प्रभारी सहित सभी संभागों के प्रभारी और जिला प्रभारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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सफलता की सराहना: बैठक के शुरुआती सत्र में प्रशिक्षण महाअभियान में मध्य प्रदेश को देश में शीर्ष स्थान मिलने पर सभी पदाधिकारियों की पीठ थपथपाई गई और इस बड़ी संगठनात्मक उपलब्धि की जमकर सराहना की गई। ‘दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ में मध्य प्रदेश देश में नंबर-1- शीर्ष नेतृत्व ने आंका सबसे सर्वश्रेष्ठ; समीक्षा बैठक में दिखे कड़े तेवर
पीठ थपथपाई, लेकिन… कमियों पर वरिष्ठ नेताओं के दिखे कड़े तेवर
प्रशिक्षण में नंबर-1 आने की खुशी के बीच, पार्टी के शीर्ष नेताओं ने आगामी संगठनात्मक कार्यों को लेकर अनुशासन और काम की रफ्तार पर सबसे ज्यादा जोर दिया:
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ढीले पड़े जिलों को चेतावनी: सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जहां एक तरफ तारीफ हुई, वहीं दूसरी तरफ आगामी संगठनात्मक लक्ष्यों को लेकर कुछ जिलों की ढीली परफॉर्मेंस और कमियों पर वरिष्ठ नेताओं ने बेहद कड़े तेवर दिखाए।
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प्रभारियों को सख्त निर्देश: वरिष्ठ नेतृत्व ने साफ शब्दों में कहा कि इस सफलता को बरकरार रखना है और जिन जिलों में काम की गति धीमी है, वहां के जिला और संभाग प्रभारियों को जमीन पर उतरकर कमियों को तुरंत दुरुस्त करना होगा। आगामी सांगठनिक टारगेट को हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।








