Historic Dictum: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह BAN- ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर का ऐतिहासिक ऐलान; टेक कंपनियों में हड़कंप
UK Social Media Ban: 'एक पीएम और पिता के नाते यह फैसला सही है' जानिए क्यों ब्रिटिश सरकार ने उठाया बच्चों को डिजिटल दुनिया से दूर करने का यह महा-कदम
Historic Dictum: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह BAN- ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर का ऐतिहासिक ऐलान; टेक कंपनियों में हड़कंप
लंदन: दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक, यूनाइटेड किंगडम (UK) से एक ऐसा बड़ा फैसला आया है जो पूरी दुनिया के डिजिटल ढांचे को बदल कर रख देगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार, 15 जून 2026 को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 16 साल से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए सोशल मीडिया ऐप्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगाने का ऐलान कर दिया है. ब्रिटेन सरकार का मानना है कि नई पीढ़ी को मानसिक तनाव, साइबर क्राइम और स्क्रीन की लत से बचाकर उनकी “खुशी और सुरक्षा” सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था.
10 डाउनिंग स्ट्रीट से पीएम का भावुक और कड़ा संदेश
ब्रिटेन की राजधानी लंदन स्थित प्रधानमंत्री आवास ’10 डाउनिंग स्ट्रीट’ से देश को संबोधित करते हुए पीएम कीर स्टार्मर ने इस फैसले के पीछे की अपनी निजी और प्रशासनिक वजहें साझा कीं:
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पिता और पीएम का साझा कर्तव्य: पीएम स्टार्मर ने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि वह इस वक्त देश के प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ छोटे बच्चों के पिता भी हैं। दोनों ही भूमिकाओं को देखते हुए उन्हें पूरा विश्वास है कि नई पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह बिल्कुल सही और सटीक फैसला है।
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टेक दिग्गजों को दो टूक चुनौती: प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि दुनिया की सबसे बड़ी और रसूखदार टेक कंपनियों (जैसे मेटा, टिकटॉक, एक्स) के ऐप्स पर ऐसी सख्त पाबंदी लागू करना व्यावहारिक रूप से आसान काम नहीं होगा। लेकिन, जब बात बच्चों की सेहत, मानसिक स्थिति और उनकी भलाई की हो, तो सरकार के लिए इससे ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है। Historic Dictum: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह BAN- ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर का ऐतिहासिक ऐलान; टेक कंपनियों में हड़कंप
क्या पूरी दुनिया पर पड़ेगा इसका असर?
ब्रिटेन के इस क्रांतिकारी कदम के बाद अब पूरी दुनिया, खासकर भारत जैसे बड़े डिजिटल मार्केट वाले देशों में भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया रेगुलेशन को लेकर बहस तेज होना तय है:
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मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस: वैश्विक स्तर पर कई शोधों में यह बात सामने आ चुकी है कि रील और शॉर्ट वीडियो की लत बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित कर रही है।
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उम्र का कड़ा सत्यापन (Age Verification): इस कानून के लागू होने के बाद अब इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स को ब्रिटेन में यूज़र्स की उम्र की कड़ाई से जांच करने के लिए नए और बेहद कड़े तकनीकी मापदंड अपनाने होंगे।








