खनिज परिवहन की समस्याओं को लेकर हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन ने सौंपा ज्ञापन 7 दिवस में समस्याओं के निराकरण की मांग, मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन वाहन खड़े करने की चेतावनी
खनिज परिवहन की समस्याओं को लेकर हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
7 दिवस में समस्याओं के निराकरण की मांग, मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन वाहन खड़े करने की चेतावन
कटनी। हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन, कटनी ने जिले में खनिज परिवहन के दौरान आ रही विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कटनी को आवेदन सौंपा है। यूनियन ने खनिज विभाग, परिवहन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है।
यूनियन द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि खनिज विभाग के पोर्टल पर ट्रांजिट पास (T.P.) जारी करते समय वाहन की लोड क्षमता दर्ज करने के बावजूद यदि पोर्टल द्वारा ट्रांजिट पास जारी किया जाता है, तो बाद में उसी आधार पर ओवरलोडिंग की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। यूनियन ने इस संबंध में स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है।
यूनियन ने कटनी जिले में रेत के ठेके नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। आवेदन में कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर रेत उपलब्ध नहीं होने के कारण जिले के लोगों को बाहर से महंगे दामों पर रेत खरीदनी पड़ रही है। यूनियन ने मांग की है कि कटनी जिले की रेत खदानों का संचालन खनिज निगम द्वारा स्वयं किया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को उचित दर पर रेत उपलब्ध हो सके और शासन को भी राजस्व प्राप्त हो।
इसके अलावा यूनियन ने मांग की है कि खनिज परिवहन के दौरान किसी वाहन पर कार्रवाई होने की स्थिति में केवल वाहन मालिक या चालक के विरुद्ध कार्रवाई न की जाए, बल्कि ट्रांजिट पास जारी करने वाली फर्म तथा खनिज प्राप्त करने वाली फर्म की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
यूनियन ने रेत परिवहन में माप की विसंगति का मुद्दा भी उठाया। आवेदन के अनुसार खनिज विभाग के पोर्टल पर रेत का ट्रांजिट पास क्यूबिक मीटर में जारी होता है, जबकि परिवहन विभाग में वाहन के भार का आकलन GVW के आधार पर किया जाता है। यूनियन का कहना है कि माप की इस विसंगति के कारण वाहन चालकों और मालिकों को परिवहन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा कई बार आरटीओ, पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है।
आवेदन में खनिज परिवहन के दौरान अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। यूनियन ने आरोप लगाया कि जिले में खनिज का बड़े पैमाने पर परिवहन होने के बावजूद परिवहनकर्ताओं से विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से वसूली की जाती है। यूनियन ने प्रशासन से इस पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
यूनियन ने बायपास पर लगे हाईटेक कैमरों से संबंधित समस्या का भी उल्लेख किया है। यूनियन का कहना है कि कैमरों के माध्यम से वाहनों के ट्रांजिट पास की जानकारी विभाग को उपलब्ध होने के बावजूद कई बार वाहनों को रोककर अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। इससे खनिज परिवहन में देरी होती है। यूनियन ने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
इसके साथ ही सीमेंट प्लांटों एवं शासकीय निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले खनिज के लिए अंडरलोड परिवहन तथा ट्रांसपोर्ट भाड़े का उचित निर्धारण किए जाने की मांग की गई है।
7 दिन में समाधान नहीं तो वाहन खड़े करने की चेतावनी
हाईवा ट्रांसपोर्ट यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का आगामी 7 दिवस में निराकरण नहीं किया गया, तो यूनियन के समस्त खनिज परिवहन करने वाले वाहन अनिश्चितकालीन समय के लिए शांतिपूर्वक खड़े किए जा सकते हैं। यूनियन ने इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।
ज्ञापन में यूनियन अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा, सचिव सत्यम नगायच, उपाध्यक्ष पंकज सचदेवा, सह-सचिव जितेन्द्र पाण्डेय, कोषाध्यक्ष चिंतन सिंह, संरक्षक मंडल एवं कार्यकारिणी सदस्यों सहित अन्य पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।







