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कांजी हाउस में गौवंश की दुर्दशा, इलाज और चारे के अभाव में हर रोज हो रही मौतों का दावा

कांजी हाउस में गौवंश की दुर्दशा, इलाज और चारे के अभाव में हर रोज हो रही मौतों का दाव

 

कटनी। शहर के कांजी हाउस में गौवंश की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सामने आई तस्वीरों में बीमार और घायल गौवंश के साथ मृत पशु भी दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांजी हाउस में पर्याप्त चारा, उपचार और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण गौवंश लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर से पकड़े जाने वाले गौवंश को कांजी हाउस में लाकर रखा जा रहा है, लेकिन यहां पर्याप्त हरा चारा और उपचार उपलब्ध नहीं होने से कई पशु कमजोर होकर गिर जाते हैं। आरोप है कि गंदगी और कचरा प्लांट के आसपास की परिस्थितियों के कारण संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। लोगों का दावा है कि यहां प्रतिदिन तीन से चार गौवंश की मौत हो रही है।

रविवार को सामने आई तस्वीरों को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। उनके अनुसार, उस दिन कांजी हाउस परिसर में करीब आठ गौवंश मृत अवस्था में पड़े थे। वहीं, कुछ बीमार और कमजोर पशुओं की हालत भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कमजोर होकर जमीन पर गिरने वाले पशुओं की आंखों को कौए नोच लेते हैं, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो जाती है।

व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल

कांजी हाउस की स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कांजी हाउस में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और नियमित पशु चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो यहां रखे जा रहे गौवंश को शहर की गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

नागरिकों की मांग है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर गौवंश की मौतों की वास्तविक वजह की जांच कराए, मृत पशुओं का उचित निस्तारण सुनिश्चित करे तथा बीमार पशुओं के उपचार की तत्काल व्यवस्था करे।

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि कांजी हाउस बंद किया जाए अथवा वहां गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, पानी, उपचार, स्वच्छता और सुरक्षित आश्रय की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बेजुबान पशुओं को ऐसी परिस्थितियों में जीवन बिताने के लिए मजबूर न होना पड़े।

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