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LIC, हिंदुस्तान जिंक और बैंकों समेत 8 PSU में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

LIC, हिंदुस्तान जिंक और बैंकों समेत 8 PSU में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

LIC, हिंदुस्तान जिंक और बैंकों समेत 8 PSU में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल (Crude Oil) ने भारत सरकार के बजट का गणित बिगाड़ दिया है। सरकारी खजाने पर लगातार बढ़ रहे इस भारी दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC, हिंदुस्तान जिंक और कई सरकारी बैंकों समेत 8 सरकारी कंपनियों (PSU) में अपनी हिस्सेदारी बेचने (Disinvestment) की तैयारी को सुपरफास्ट मोड पर डाल दिया है। इस महा-बिक्री से सरकार का लक्ष्य हजारों करोड़ रुपये जुटाने का है।

LIC से ₹10,000 करोड़ और हिंदुस्तान जिंक से ₹5,000 करोड़ जुटाने का प्लान

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने जिन आठ दिग्गज सरकारी कंपनियों की पहचान की है, उनमें विनिवेश की प्रक्रिया आने वाले कुछ ही महीनों में शुरू हो सकती है। अनुमान है कि केवल LIC में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर सरकार करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाएगी, जबकि हिंदुस्तान जिंक से 5,000 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। इस योजना को सफल बनाने के लिए बड़े निवेश बैंकों के साथ हर हफ्ते गुप्त बैठकें की जा रही हैं ताकि सही समय पर शेयरों को बाजार में उतारा जा सके।

IDBI बैंक को बेचने की फिर से होगी कोशिश, कम हो सकते हैं दाम!

सरकार IDBI बैंक में भी अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचने की जिद पर अड़ी है। पिछली बार खरीदारों के ठंडे रिस्पॉन्स के कारण यह सौदा पूरा नहीं हो सका था, लेकिन इस बार सरकार ने नई रणनीति बनाई है। खबर है कि इस बार रिजर्व प्राइस (न्यूनतम कीमत) को कम किया जा सकता है और पुराने निवेशकों से ही नए प्रस्ताव मांगे जा सकते हैं, ताकि यह बैंक जल्द से जल्द बिक सके।

विदेशी निवेशकों की बेरुखी बनी बड़ी मुसीबत

सरकार के इस ‘मेगा सेल’ के सामने शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस साल की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से करीब 29 अरब डॉलर निकाल लिए हैं, जिसकी वजह से निफ्टी में करीब 9% की गिरावट देखी गई है। ऐसे में क्या घरेलू निवेशक सरकार की इन कंपनियों को हाथों-हाथ खरीदेंगे? यह एक बड़ा सवाल है।

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2026-27 में ₹80,000 करोड़ जुटाने का महा-लक्ष्य

हालांकि, पिछले महीनों में कोल इंडिया और एनएचपीसी (NHPC) में हिस्सेदारी बिक्री को मिले अच्छे रिस्पॉन्स से सरकार के हौसले बुलंद हैं। अप्रैल से जून 2026 के बीच ही सरकार 2 अरब डॉलर जुटा चुकी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने विनिवेश के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का भारी-भरकम लक्ष्य रखा है, ताकि महंगे तेल के घाटे को पूरा किया जा सके और देश की वित्तीय स्थिति को संभाला जा सके।

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