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नारी शक्ति संगम: साड़ी पहनकर साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने वाली गौरी के साथ-साथ 15 मातृशक्ति सम्मानित

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कटनी में नारी शक्ति संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय महिलाओ का चिंतन पश्चिम दृष्टिकोण से ना होकर भारतीय चिंतन के आधार पर होना चाहिए।वैदिक संस्कृति की महानता है कि भारत मे महिला और पुरुष दोनो समान है।हम अर्धनारीश्वर की कल्पना को मानते हैं एक पुरुष है तो एक प्रकृति है। एक शिव है तो दुसरी शक्ति।हमे अपने व्यवस्थाओ में पुनः स्थापित होने की आवश्यकता है। ” उक्त आशय के उद्गार बाल संरक्षण आयोग मध्य प्रदेश शासन की सदस्य, महिला समन्वय की प्रांत संयोजिका श्रीमती मेघा पवार दीदी,भोपाल ने मुख्य वक्ता की आसंदी से व्यक्त किये।

आपने आगे कहा की कुटुंब प्रबोधन मे महिलाओ की विशेष भुमिका है.परिवार ना टुटे और बच्चो की शिक्षा किस तरह से हो, इसका ध्यान हम महिलाओ को रखना है।.कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, आदर्श नागरिक। इन पांचो बिंदुओ पर भारतीय परिवारो मे चिंतन कर अनुसरण करना है।

उल्लेखनीय है कि पूरे भारतवर्ष में भारतीय चिंतन में महिला, वर्तमान में महिलाओं की स्थिति और समाधान और देश के विकास में महिलाओं की भूमिका, इन विषयों को लेकर के नारी शक्ति सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं, अभी तक 450 से ऊपर देशभर में सम्मेलन हो चुके हैं ,इसी श्रृंखला में कटनी जिले का वृहद नारी शक्ति संगम सम्मेलन का आयोजन विगत दिवस सरस्वती उत्तर माध्यमिक विद्यालय परिसर कटनी में संपन्न हुआ।

मंच पर मुख्य वक्ता के साथ-साथ प्रमुख अतिथि के रूप में सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता डॉ नूपुर धमीजा रंजन, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार महाकौशल प्रांत की महिला समन्वय प्रभारी डॉक्टर शशी ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर कटनी श्रीमती संस्कृति शर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती ख्याति मिश्रा, समाजसेवी राजेंद्र कौर लांबा ,कार्यक्रम की सह संयोजिका नीतू कनकने, वंदना गेलानी भी मंचासीन रहीं।

डॉ शशि ठाकुर ने पुराने समय से लेकर के वर्तमान समय में देश के विकास में महिलाओं की क्या-क्या भूमिका रही है उस पर विस्तार से प्रकाश डाला। ड्रा नूपुर धामीचा ने वर्तमान समय में महिलाओं से आग्रह किया कि वह अपने परिवार में ज्यादा समय दें, नई टेक्नोलॉजी के तहत हम सब मोबाइल से जुड़े हैं किंतु वर्तमान समय में हम महिलाओं को अपने परिवार में ज्यादा समय देने की आवश्यकता है और महिलाएं स्वयं सक्षम हों, जिससे किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना वे खुद कर सकें।

कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि संयुक्त कलेक्टर संस्कृति शर्मा ने बताया कि कैसे वह एक सामान्य परिवार से होने के बावजूद निरंतर अध्ययन और मेहनत के बल पर आज इस मुकाम पर पहुंची हैं। कार्यक्रम की प्रस्तावना नीतू कनकने ने रखी।

संगम में कटनी और उसके आसपास के क्षेत्र का राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाली विशिष्ट 16 महिलाओं का सम्मान भी हुआ, जिसमें गौरी अर्जरिया,किटी गुप्ता,स्वरांजलि रजक, जूही जैन, वंदना तिवारी, डॉक्टर उमा निगम , मीरा भार्गव, डॉ सुधा गुप्ता, आस्था सिजारिया, गौतमी राव, मान्यता गर्ग ,अमिता श्रीवास, रिया शर्मा कटारे, सपना नामदेव, डॉ साधना कनौजिया, तेजश्री दिग्वी को नारी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महिला विषयक प्रदर्शनी स्वदेशी वस्तुओं के स्टॉल और देशभक्ति पूर्ण नृत्य नाटिका भी हुई। संचालन सीमा जैन और आभार प्रदर्शन श्रीमती वंदना बगड़िया, वंदना गेलानी ने किया। नारी शक्ति संगम टोली की सभी महिलाओं ने पूर्ण निष्ठा के साथ कार्यक्रम में सहभाग और सहयोग किया ।कटनी जिले से 1500 से ऊपर की संख्या में मातृशक्ति इस कार्यक्रम में सहभागी रहीं।

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