राशन दुकानों में लंबी लाइनों और सर्वर डाउन से मुक्ति: बिलासपुर में लगेगा छत्तीसगढ़ का पहला ‘ग्रेन ATM’ (अनाज एटीएम), जानिए कैसे मिलेगा राशन
राशन दुकानों में लंबी लाइनों और सर्वर डाउन से मुक्ति: बिलासपुर में लगेगा छत्तीसगढ़ का पहला 'ग्रेन ATM' (अनाज एटीएम), जानिए कैसे मिलेगा राशन
राशन दुकानों में लंबी लाइनों और सर्वर डाउन से मुक्ति: बिलासपुर में लगेगा छत्तीसगढ़ का पहला ‘ग्रेन ATM’ (अनाज एटीएम), जानिए कैसे मिलेगा राशन
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब सरकारी राशन दुकानों (उचित मूल्य दुकानों) में सर्वर डाउन होने की समस्या और तपती धूप-बारिश में घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने का झंझट खत्म होने वाला है। जिले में पहली बार ‘अन्नपूर्ति ग्रेन ATM’ (स्वचालित अनाज मशीन) की स्थापना की जा रही है, जो पूरी तरह से ऑटोमैटिक होगी और चुटकियों में हितग्राहियों को उनका राशन सौंप देगी।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के सहयोग से हो रही स्थापना
यह आधुनिक तकनीक संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (UN World Food Programme) के तहत जिले में लाई जा रही है। इस मशीन के शुरू होने के बाद राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और घटतौली (कम अनाज तौलने) की शिकायतों पर भी पूरी तरह से लगाम लगेगी। राशन दुकानों में लंबी लाइनों और सर्वर डाउन से मुक्ति: बिलासपुर में लगेगा छत्तीसगढ़ का पहला ‘ग्रेन ATM’ (अनाज एटीएम), जानिए कैसे मिलेगा राशन
सरकंडा क्षेत्र में लगेगी पहली मशीन, दिल्ली से आई टीम
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लोकेशन: खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस स्वचालित अनाज मशीन (Grain ATM) को बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र स्थित पटवारी कार्यालय के पास स्थापित किया जा रहा है।
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तैयारियां तेज: शनिवार को दिल्ली से तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों की एक विशेष टीम मशीन लेकर बिलासपुर पहुंच रही है, जो इसके इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग का काम संभालेगी।
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नई दुकान आईडी जारी: इस अनाज एटीएम के सुचारू संचालन के लिए खाद्य विभाग की ओर से एक विशेष ‘उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक’ भी जारी किया जा रहा है ताकि टेक्निकल डेटा और स्टॉक मैनेजमेंट में कोई दिक्कत न आए।
कैसे काम करेगा ‘अनाज एटीएम’?
यह मशीन बिल्कुल बैंक के सामान्य कैश एटीएम (ATM) की तर्ज पर ही काम करेगी, लेकिन इसमें कार्ड की जगह बायोमेट्रिक का इस्तेमाल होगा:
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बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: राशन कार्ड धारक को मशीन के पास जाकर अपना फिंगरप्रिंट (अंगूठा) या आईरिस (आंखों का स्कैन) देना होगा।
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पात्रता की गणना: मशीन स्क्रीन पर राशन कार्ड धारी का नाम और उसकी पात्रता (जैसे- कितना किलोग्राम चावल या गेहूं मिलना है) प्रदर्शित करेगी।
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अनाज का वितरण: प्रमाणीकरण सफल होते ही मशीन के नीचे लगे आउटलेट से तय मात्रा के अनुसार अनाज (चावल) अपने आप बाहर आ जाएगा, जिसे हितग्राही अपने थैले में भर सकेंगे।








