दतिया में हिंसक बवाल के बीच नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, बोले-‘पार्टी फोरम में रखी जाती है बात, कार्यकर्ता न करें उपद्रव’
Exclusive: टिकट कटने के बाद पूर्व गृह मंत्री की पहली प्रतिक्रिया; समर्थकों से की शांति की अपील, कहा- बीजेपी एक अनुशासित दल
दतिया में हिंसक बवाल के बीच नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, बोले-‘पार्टी फोरम में रखी जाती है बात, कार्यकर्ता न करें उपद्रव’
दतिया/भोपाल: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर टिकट कटने के बाद भड़के भारी उपद्रव और हिंसक झड़पों के बीच आखिरकार पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का पहला आधिकारिक बयान सामने आ गया है। बीजेपी द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज समर्थकों द्वारा हाईवे जाम करने और पुलिस पर किए गए भीषण पथराव की घटनाओं पर चुप्पी तोड़ते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया है।
टिकट काटे जाने के बाद डॉ.नरोत्तम मिश्रा की पहली प्रतिक्रिया सामने आयी।
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‘पार्टी फोरम में बात रखने का अपना तरीका’ – नरोत्तम मिश्रा
अपने गढ़ दतिया में उपजे भारी आक्रोश और तनावपूर्ण माहौल के बीच मीडिया के सामने आते हुए दिग्गज भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने दो टूक शब्दों में कहा:
“भारतीय जनता पार्टी एक कैडर-बेस्ड और बेहद अनुशासित संगठन है। पार्टी के फोरम में अपनी बात रखने के अपने स्थापित तरीके होते हैं और बात हमेशा वहीं रखी जाती है। मैं अपने सभी साथियों, समर्थकों और कर्मठ कार्यकर्ताओं से यह विनम्र अपील करता हूँ कि वे किसी भी प्रकार का उपद्रव या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाला काम बिल्कुल न करें। शांति और धैर्य ही हमारी असली ताकत है।”
क्यों सुलग उठा था दतिया? (एक नज़र में पूरा घटनाक्रम)
गौरतलब है कि 30 जुलाई को होने वाले दतिया उपचुनाव के लिए जैसे ही बीजेपी आलाकमान ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा, वैसे ही पूरे जिले में बगावत की आग भड़क उठी: दतिया में हिंसक बवाल के बीच नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, बोले-‘पार्टी फोरम में रखी जाती है बात, कार्यकर्ता न करें उपद्रव’
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12 घंटे तक नेशनल हाईवे जाम: आक्रोशित समर्थकों ने NH 44 (झांसी-दिल्ली हाईवे) को करीब 12 घंटे तक पूरी तरह ब्लॉक रखा, जिससे कई बसें और गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस फंस गईं।
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बीजेपी दफ्तर पर कब्जा और पथराव: उग्र भीड़ ने दतिया स्थित बीजेपी कार्यालय पर कब्जा कर लिया और उसकी छत से पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसाए। इस हमले में एसपी और एडिशनल एसपी सहित 6 से ज्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पुलिस की जवाबी कार्रवाई: बेकाबू हालात और हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए भारी पुलिस बल को आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे।








