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कथा के दौरान बिगड़ी तबीयत, सेप्टिसीमिया से पीड़ित पूर्व सांसद व कथावाचक डॉ. रामविलास वेदांती महाराज का निधन

कथा के दौरान बिगड़ी तबीयत, सेप्टिसीमिया से पीड़ित पूर्व सांसद व कथावाचक डॉ. रामविलास वेदांती महाराज का निधन

कथा के दौरान बिगड़ी तबीयत, सेप्टिसीमिया से पीड़ित पूर्व सांसद व कथावाचक डॉ. रामविलास वेदांती महाराज का निधन। पूर्व सांसद और सुप्रसिद्ध कथावाचक डॉ. रामविलास वेदांती महाराज का आज रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान दुखद निधन हो गया है। बताया गया है कि उन्हें एक दिन पूर्व ही तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर फैलते ही रीवा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। अस्पताल परिसर में उनके भक्तों का तांता उमड़ पड़ा है।

कथा के दौरान बिगड़ी तबीयत

महाराज वेदांती विनोद लाल गांव के पास स्थित भटवा गांव में एक कथा का वाचन कर रहे थे। यह कथा आगामी 17 दिसंबर तक चलनी थी, लेकिन कथा के बीच में ही अचानक उन्हें अपने सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत महसूस हुई, जिसके चलते उन्हें तत्काल इलाज के लिए रीवा लाया गया।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में प्राथमिक जांच के बाद उनके शिष्यों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से भोपाल के किसी बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया और इसकी व्यवस्था की गई।

 

भोपाल में कोहरे ने रोका रास्ता

  • शिष्यों की व्यवस्था के तहत रविवार की दोपहर बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से भोपाल के लिए रवाना किया गया । हालांकि, भोपाल पहुंचने पर मौसम ने साथ नहीं दिया। भोपाल में अत्यधिक कोहरे (धुंध) और दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण एयर एंबुलेंस वहां पर लैंड नहीं कर सकी।
  • इस बाधा के चलते उन्हें वापस रीवा लाया गया और दोबारा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने भी बताया कि कल विजिबिलिटी कम होने की वजह से शिफ्टिंग नहीं हो पाई थी।

डॉक्टर ने बताई मौत की वजह

  • अस्पताल में चल रहे उपचार के दौरान आज कुछ ही देर पहले उनका निधन हो गया । महाराज का उपचार कर रहे डॉक्टरों ने उनके निधन के संबंध में जानकारी दी। डॉक्टर ने बताया कि महाराज को सेप्टिसीमिया नामक गंभीर संक्रमण हो गया था, जिसकी वजह से उनका ब्लड प्रेशर (बीपी) काफी कम था और सेप्टिसिमिक शॉक की स्थिति बनी थी।
  • डॉक्टर के अनुसार, कल उन्हें भर्ती कराया गया था और आज सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिसके बाद डॉक्टर्स ने बड़ी मेहनत से उन्हें पुनर्जीवित किया (रिवाइव किया)। संक्रमण के कारण यूरिन आउटपुट नहीं आ रहा था और बीपी लो था, जिसके चलते डॉक्टर्स सीआरआरटी और डायलिसिस की योजना बना रहे थे । हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए, जिसका उन्हें अफसोस है।

अंतिम यात्रा की तैयारी

फिलहाल, देहांत के बाद महाराज डॉ. रामविलास वेदांती के पार्थिव शरीर को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से उनके पैतृक गांव गुढ़वा ले जाया जा रहा है । उनके निधन से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

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