पूर्व IAS राजीव शर्मा ‘जल प्रहरी सम्मान 2026’ से होंगे सम्मानित: PM मोदी भी ‘मन की बात’ में कर चुके हैं तारीफ, नदियों को किया पुनर्जीवित
भिंड। जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने वाले भिंड के रहने वाले पूर्व आइएएस (IAS) अधिकारी राजीव शर्मा को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘जल प्रहरी सम्मान’ के लिए चुना गया है। मध्य प्रदेश में ‘जल क्रांति अभियान’ के जनक माने जाने वाले राजीव शर्मा ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान जल संवर्धन के लिए कई ऐतिहासिक और अभिनव प्रयास किए हैं, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कर चुके हैं।
जनभागीदारी से जल क्रांति अभियान की शुरुआत
शहडोल संभाग के आयुक्त (Commissioner) के रूप में पदस्थापना के दौरान राजीव शर्मा ने किसानों को वर्षा जल के संचयन और भूजल रीचार्ज की तकनीक सिखाने के लिए ‘जल क्रांति अभियान’ की शुरुआत की थी। उन्होंने जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना न बनाकर जनता का अभियान बनाया, जिससे हजारों किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला।
नदियां पुनर्जीवित कीं और श्रमदान से तालाबों का कराया गहरीकरण
राजीव शर्मा ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अपनी तैनाती के दौरान जल संरक्षण की अमिट छाप छोड़ी:
दमोह में मिसाल (1991): वर्ष 1991 में दमोह पदस्थापना के दौरान उन्होंने नागरिकों के स्वैच्छिक श्रमदान से ‘राजनगर तालाब’ का गहरीकरण कराया, जो आज भी जनसहयोग की मिसाल है।
सींगरी और चीलर नदी का पुनरुद्धार: नरसिंहपुर की सींगरी नदी और शाजापुर की चीलर नदी को पुनर्जीवित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भूजल पुनर्भरण (Water Recharge): मालवा, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में वर्षा जल के माध्यम से असंख्य कुओं और ट्यूबवेलों के वॉटर रीचार्जिंग का काम कराया गया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी अभियान जारी
प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद भी राजीव शर्मा जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में लगातार सक्रिय हैं और गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।













