350 करोड़ का अस्पताल, फिर भी भटक रहे मरीज: इंदौर ESIC अस्पताल के लोकार्पण के 2 साल बाद भी CT Scan और MRI सेवा ठप; अरविंदो भेजे जा रहे मरीज
इंदौर। लगभग 350 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार 500 बेड वाले मॉडर्न इएसआइसी (ESIC) अस्पताल में सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अक्टूबर 2024 में हुए लोकार्पण को दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अस्पताल में एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) की बुनियादी जांच सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। नतीजा यह है कि गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को भी इन जरूरी जांचों के लिए दूसरे निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जांच और रिपोर्ट के लिए भटकने को मजबूर परिजन
अस्पताल में जांच उपकरण न होने के कारण मरीजों के परिजनों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है
मरीज को एम्बुलेंस या निजी वाहन से दूसरे अस्पताल (जैसे अरविंदो अस्पताल) ले जाना पड़ता है। जांच के लिए समय मिलने और फिर रिपोर्ट कलेक्ट करने के लिए परिजनों को दोबारा चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे मरीज का इलाज भी प्रभावित और विलंबित होता है।
सामने आए पीड़िता के मामले:
सिरदर्द की समस्या लेकर पहुंचे 48 वर्षीय भरत गुर्जर को डॉक्टरों ने सीटी स्कैन के लिए अरविंदो अस्पताल जाने की सलाह दी।
पति के साथ इलाज कराने पहुंचीं लीलावती को भी इन जांचों की अनुपलब्धता का हवाला देकर अरविंदो अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रशासन का पक्ष: भेजा गया है प्रस्ताव
मामले पर इएसआइसी अस्पताल के डीन डॉ. शिरीष चव्हाण ने बताया कि
“अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों की स्थापना के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वर्तमान में सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को जांच हेतु रेफर किया जाता है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही मशीनें इंस्टॉल कर दी जाएंगी।”













