Flex-Fuel Revolution: मारुति सुजुकी ने लॉन्च की देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार; अब पेट्रोल का झंझट खत्म, इथेनॉल से दौड़ेगी ‘WagonR’
नई दिल्ली: भारतीय ऑटोमोबाइल जगत के इतिहास में आज का दिन एक महान मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने गुरुवार (04 जून) को भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार (Flex-Fuel Passenger Car) को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने भारतीय मध्यम वर्ग की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय हैचबैक कार वैगन आर (WagonR) को इस अत्याधुनिक और किफायती तकनीक के साथ बाजार में उतारा है।
मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और सीईओ (CEO) हिसाशी ताकेउची ने इस ऐतिहासिक मौके पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वैगन आर की एंट्री सिर्फ एक नई गाड़ी की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा यात्रा और आत्मनिर्भरता में एक नया स्वर्णिम अध्याय है।
नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में हुआ महा-अनावरण
मारुति सुजुकी ने इस बेजोड़ पर्यावरण-अनुकूल गाड़ी का अनावरण केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की विधिक गरिमामयी मौजूदगी में किया। ये दोनों ही नेता लंबे समय से देश में वैकल्पिक ईंधन (Alternative Fuel) और घरेलू ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कड़े प्रयास कर रहे हैं। इस कार के आने से अब पेट्रोल पर देश की निर्भरता घटने और गाड़ी चलाने का मासिक खर्च बेहद कम होने की चर्चा तेज हो गई है।
आखिर क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक?
फ्लेक्स-फ्यूल कार पारंपरिक गाड़ियों से बिल्कुल अलग और एडवांस होती हैं:
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मिश्रित ईंधन का विन्यास: फ्लेक्स-फ्यूल कार ऐसी गाड़ी होती है, जो सामान्य पेट्रोल के साथ-साथ भारी मात्रा में इथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) पर भी बिना किसी तकनीकी खराबी के चल सकती है।
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स्वदेशी और स्वच्छ उत्पादन: इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्के और अन्य कृषि अवशेषों (कृषि उत्पादों) से किया जाता है। इससे पेट्रोल की खपत में भारी कमी आती है और जहरीला धुआं (प्रदूषण) भी घटता है।Flex-Fuel Revolution: मारुति सुजुकी ने लॉन्च की देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार; अब पेट्रोल का झंझट खत्म, इथेनॉल से दौड़ेगी ‘WagonR’
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आयात में कटौती: मारुति सुजुकी का विधिक मत है कि यह तकनीक देश के विदेशी मुद्रा भंडार से कच्चे तेल (Crude Oil) के आयात बिल को कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में गेम-चेंजर साबित होगी।
ईंधन के भारी खर्च से मिलेगी कड़ी राहत; समझें पूरा विन्यास
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का सबसे सीधा और बड़ा फायदा आम आदमी की जेब को होने वाला है:
सस्ता ईंधन विन्यास: इथेनॉल आधारित ईंधन, पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता होता है। यदि देशभर में सरकार इथेनॉल की उपलब्धता को तेजी से बढ़ाती है, तो वाहन मालिकों को ईंधन के रोजाना बढ़ते खर्च से बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, इसका शत-प्रतिशत लाभ तभी मिलेगा जब देश के हर कोने में फ्लेक्स-फ्यूल पंप स्टेशन और मजबूत सप्लाई नेटवर्क का विधिक विकास होगा।
अन्नदाता बनेंगे ऊर्जादाता: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी कड़क ताकत
इस अनूठी तकनीक का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि इसका आर्थिक लाभ सिर्फ शहरों या वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा:
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किसानों की आय में वृद्धि: देश में इथेनॉल का उत्पादन जितना बढ़ेगा, हमारे गन्ना किसानों और संपूर्ण कृषि क्षेत्र को उतनी ही कड़क आर्थिक ताकत मिलेगी।
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आत्मनिर्भर भारत का विन्यास: इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हिसाशी ताकेउची के अनुसार, यह तकनीक वास्तव में भारत के कृषि, उन्नत तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को एक साथ जोड़कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करती है।








