FEATURED

जंतर-मंतर से बड़ी खबर: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शनकारियों की संसद मार्च के दौरान RAF से झड़प; सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया

जंतर-मंतर से बड़ी खबर: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शनकारियों की संसद मार्च के दौरान RAF से झड़प; सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया

जंतर-मंतर से बड़ी खबर: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शनकारियों की संसद मार्च के दौरान RAF से झड़प; सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से चल रहा विरोध-प्रदर्शन आज बेहद उग्र मोड़ पर पहुंच गया। अपनी मांगों को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थक आज संसद भवन की ओर मार्च निकाल रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए सुरक्षा बलों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।

इस भारी तनाव के बीच जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बढ़ते गतिरोध को देखते हुए सरकार ने आंदोलनकारियों को बातचीत का न्योता भेजा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात का दावा

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर एक पोस्ट के जरिए सरकार से बातचीत होने की पुष्टि की है। उन्होंने दावा किया कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने जा रहा है।

सौरभ दास ने अपनी पोस्ट में लिखा: जंतर-मंतर से बड़ी खबर: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शनकारियों की संसद मार्च के दौरान RAF से झड़प; सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया

“सुबह के 11:52 बजे हैं। आशुतोष रांका और मैं, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर से, जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। हमारी मांगें साफ हैं। बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हुए हैं।”

इस दावे के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और सीजेपी (CJP) के बीच होने वाली इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर सहमति बन पाती है।

अभिजीत दीपके का अनशन खत्म; सोनम वांगचुक ने रखीं 3 कड़क शर्तें

एक तरफ जहां बातचीत का दौर शुरू हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। हालांकि, आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के लिए सरकार और विपक्षी दलों के सामने एक चिट्ठी जारी कर 3 बड़ी शर्तें रख दी हैं:

  1. पेपर लीक की जिम्मेदारी ले सरकार: सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था में हाल ही में हुई नाकामियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं की खुलकर जिम्मेदारी ले।

  2. नेताओं को संसद तक जाने की अनुमति: सोनम वांगचुक और CJP की पूरी लीडरशिप को बिना किसी रोक-टोक के संसद भवन तक पहुंचने दिया जाए।

  3. संसद या अस्पताल में मिले लिखित भरोसा: विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के सांसद और नेता वहां आकर भरोसा दिलाएं कि वे इस मुद्दे को संसद के भीतर उठाएंगे। यदि स्वास्थ्य कारणों से ऐसा संभव नहीं होता, तो नेताओं को अस्पताल आकर इस बात का लिखित आश्वासन देना होगा।

जंतर-मंतर पर अभी भी भारी संख्या में युवा डटे हुए हैं और दिल्ली पुलिस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

— दिल्ली ब्यूरो, विशेष राजनीतिक रिपोर्ट

Back to top button