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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय का बड़ा फैसला, अयोध्या में करेंगे ४ महीने का ‘चातुर्मास’; मंदिर शुद्धिकरण के लिए महाअनुष्ठान शुरू

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय का बड़ा फैसला, अयोध्या में करेंगे ४ महीने का 'चातुर्मास'; मंदिर शुद्धिकरण के लिए महाअनुष्ठान शुरू

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय का बड़ा फैसला, अयोध्या में करेंगे ४ महीने का ‘चातुर्मास’; मंदिर शुद्धिकरण के लिए महाअनुष्ठान शुरू

अयोध्या: राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी को लेकर मचे भारी बवाल और एसआईटी (SIT) जांच के बीच अयोध्या से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है। वह अपने जीवन में पहली बार अयोध्या में ‘चातुर्मास’ करने जा रहे हैं।

वह २५ जुलाई से २१ नवंबर तक अयोध्या नहीं छोड़ेंगे और पूरे चार महीने यहीं रहकर रामलला की शरण में कठिन साधना और तप करेंगे। राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चंपत राय के इस कदम को चढ़ावा विवाद के बीच ‘कलंक से मुक्ति की साधना’ के रूप में देखा जा रहा है।

 २३ जून से ही एकांतवास में हैं चंपत राय, लिया सात्विक जीवन का संकल्प

चंपत राय ने इस चातुर्मास के दौरान पूरी तरह आध्यात्मिक जीवन जीने का फैसला किया है: राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय का बड़ा फैसला, अयोध्या में करेंगे ४ महीने का ‘चातुर्मास’; मंदिर शुद्धिकरण के लिए महाअनुष्ठान शुरू

  • कठिन दिनचर्या: वह २३ जून से ही तीर्थ क्षेत्र भवन में एकांतवास में चले गए हैं। वह रोज़ाना करीब ४ घंटे कड़ी साधना कर रहे हैं और केवल बेहद सीमित लोगों से ही मुलाकात कर रहे हैं।

  • संकल्प: उन्होंने इस दौरान निरंतर राम मंत्र का जाप, रामचरितमानस का पाठ और पूरी तरह सात्विक जीवन जीने का अटूट संकल्प लिया है।

 ७० वैदिक पंडितों के साथ १० दिवसीय ‘प्रायश्चित अनुष्ठान’ शुरू

चढ़ावा प्रकरण को लेकर केवल चंपत राय ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि भी प्रायश्चित की राह पर हैं। मंदिर की मर्यादा और शुद्धिकरण के लिए अयोध्या में एक विशेष महाअनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है:

  • प्रायश्चित पूजन: देश के ७० जाने-माने वैदिक पंडितों की मौजूदगी में १० दिनों का विशेष प्रायश्चित पूजन और अनुष्ठान जारी है।

  • मर्यादा की बहाली: इस अनुष्ठान का उद्देश्य मंदिर की पवित्रता, मर्यादा को अक्षुण्ण रखना और दान विवाद से उपजे दोषों का निवारण करना है।

 SIT की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार, सियासी हलचल तेज

राम मंदिर में पैसे की कथित हेराफेरी की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) अपनी तफ्तीश के अंतिम दौर में है। एसआईटी ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है और अब सभी को उसकी अंतिम (Final) रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। इस पूरे प्रकरण ने उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की सियासत को गरमा दिया है।

 ‘ट्रस्ट से हटे तो भी VHP में बनी रहेगी भूमिका’- आलोक कुमार का बड़ा बयान

चंपत राय पर हो रही चर्चाओं के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) पूरी मजबूती के साथ उनके समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने संगठन का रुख साफ करते हुए कहा:

“चंपत राय को उनकी किसी भी संगठनात्मक जिम्मेदारी से हटाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। अगर वह जांच के चलते ट्रस्ट से हट भी जाते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वे वीएचपी से भी हट जाएंगे। वीएचपी में उनकी भूमिका और कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि कुछ संस्थाओं के आरोपों या दावों के आधार पर इतनी जल्दी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। संगठन फिलहाल एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और चंपत राय के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं समझता।

— अयोध्या ब्यूरो, विशेष रिपोर्ट

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