
ड्रग्स की फर्जी कार्रवाई पर 2 TI और 90 पुलिसवालों पर दर्ज होगी FIR
झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की गई पुलिस की बड़ी कार्रवाई अब खुद कानूनी शिकंजे में फंस गई है। बहुचर्चित एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत की गई इस कार्रवाई को कोर्ट ने नियमों के खिलाफ और ‘फर्जी’ माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौमहला कोर्ट ने दो थाना प्रभारियों (TI) सहित करीब 90 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के ऐतिहासिक और सख्त आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद राजस्थान पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
आरोपित पक्ष ने खोला मोर्चा; कोर्ट में खुली पुलिस की पोल
जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीम ने कुछ समय पहले भारी मात्रा में ड्रग्स बरामदगी का दावा करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत एकतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस कार्रवाई को पूरी तरह मनगढ़ंत और साजिश बताते हुए पीड़ित/आरोपित पक्ष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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न्यायालय में लगाया परिवाद: पीड़ित पक्ष ने चौमहला कोर्ट में पुलिस के खिलाफ एक परिवाद (Petition) दायर किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने बिना किसी पुख्ता सबूत, गवाह और कानूनी प्रक्रियाओं (Rules) का पालन किए बिना यह फर्जी जाल बुना था।
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नियमों की सरेआम धज्जियां: परिवाद पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि ड्रग्स जब्ती की इस पूरी कार्रवाई में एनडीपीएस एक्ट के कड़े नियमों को दरकिनार किया गया। कोर्ट ने मामले को पुलिस शक्तियों का घोर दुरुपयोग और बेहद गंभीर प्रकृति का माना।
90 पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज; झालावाड़ पुलिस में खलबली
चौमहला न्यायालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि इस फर्जी कार्रवाई में शामिल रहे दोनों संबंधित थाना प्रभारियों और उनके साथ मुस्तैद रहे करीब 90 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
यह संभवतः प्रदेश का ऐसा पहला बड़ा मामला है जहां एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि कानून का रक्षक बनकर कोई भी नियमों से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उच्च अधिकारियों द्वारा अब इस मामले में संबंधित थानों और अमले पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।








