Latestमध्यप्रदेश

FACT CHECK: क्या उज्ज्वला योजना के सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी गई है? जानें सच्चाई

FACT CHECK: क्या उज्ज्वला योजना के सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी गई है? जानें सच्चाई

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अनौपचारिक चर्चाओं में एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PMUY) के लाभार्थियों को मिलने वाले सब्सिडी वाले गैस सिलिंडरों की सालाना संख्या 9 से घटाकर केवल 4 कर दी है। इस खबर के सामने आते ही करोड़ों लाभार्थियों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बन गई थी।

FACT CHECK: क्या उज्ज्वला योजना के सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी गई है? जानें सच्चाई

परंतु, आधिकारिक सूत्रों और तथ्यों की पड़ताल के बाद यह साफ हो गया है कि यह खबर पूरी तरह से निराधार और अफवाह है। सरकार द्वारा ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है।

क्या है वर्तमान नियम और सच्चाई?

पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नियमों में कोई कटौती नहीं की गई है:

  • सालाना 12 सिलिंडर की पात्रता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलिंडर (14.2 किलोग्राम वाले) तक सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान जारी है।

  • ₹300 की सीधी सब्सिडी: सरकार द्वारा वर्तमान में उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति सिलिंडर 300 रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में ट्रांसफर की जा रही है, जो कि तय सीमा (12 सिलिंडर तक) के अनुसार यथावत लागू है।

अफवाहों पर न दें ध्यान

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि “सिलिंडरों की संख्या घटाकर 4 कर दी गई है”, पूरी तरह फर्जी है। अक्सर कुछ शरारती तत्वों या पुराने भ्रामक संदेशों के दोबारा वायरल होने के कारण ऐसी अफवाहें फैलती हैं।

आम जनता से अपील: उपभोक्ता ऐसी किसी भी अपुष्ट या वायरल खबर पर भरोसा न करें। रसोई गैस सब्सिडी या योजना के नियमों में किसी भी प्रकार के बदलाव की आधिकारिक जानकारी हमेशा पेट्रोलियम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत गैस एजेंसियों के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है। वर्तमान में योजना के तहत मिलने वाले लाभ पूरी तरह सुरक्षित और पहले जैसे ही लागू हैं।

Back to top button