Ebola Virus Symptoms: बुखार और सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, जानें बेहद खतरनाक ‘इबोला वायरस’ के लक्षण और बचाव के तरीके
Ebola Virus Symptoms: बुखार और सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, जानें बेहद खतरनाक ‘इबोला वायरस’ के लक्षण और बचाव के तरीके
हेल्थ डेस्क: दुनिया के कुछ हिस्सों में समय-समय पर कहर बरपाने वाला इबोला वायरस (Ebola Virus) चिकित्सा जगत के लिए सबसे खतरनाक संक्रमणों में से एक माना जाता है। यह एक ऐसा जानलेवा वायरस है जो संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों (जैसे खून, लार, पसीना) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। चूंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य मौसमी बुखार जैसे होते हैं, इसलिए अक्सर लोग इसे पहचानने में चूक कर देते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बीमारी में समय रहते लक्षणों की पहचान और तुरंत आइसोलेशन ही जान बचा सकता है।
शुरुआती लक्षण: सामान्य बुखार समझकर न भूलें
गोरखपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन कंसलटेंट डॉ. विजय कुमार शर्मा बताते हैं कि इबोला वायरस के शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य वायरल जैसे होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- प्रारंभिक चरण: मरीज को अचानक तेज बुखार आना, गंभीर सिरदर्द होना, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, अत्यधिक कमजोरी और गले में खराश होना।
- गंभीर चरण: जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, मरीज को लगातार उल्टी, दस्त (डायरिया), और पेट में तेज दर्द होने लगता है।
- अंतिम/क्रिटिकल स्थिति: बीमारी के गंभीर होने पर मरीज के लिवर और किडनी प्रभावित होते हैं। कुछ मामलों में शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों (जैसे मसूड़ों, नाक या मल के रास्ते) से ब्लीडिंग (रक्तस्राव) शुरू हो जाती है, जो बेहद जानलेवा साबित होती है।
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इबोला वायरस से बचाव के अचूक उपाय
इबोला से बचने के लिए अभी तक कोई व्यापक सामान्य टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए सावधानी ही इसका एकमात्र सबसे बड़ा इलाज है:
- सीधे संपर्क से बचें: संक्रमित व्यक्ति या उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए कपड़ों, बर्तनों और बिस्तर के सीधे संपर्क में आने से पूरी तरह बचें।
- सुरक्षा उपकरणों का उपयोग: यदि किसी संभावित मरीज की देखभाल करनी पड़ रही है, तो बिना पीपीई किट, मास्क और दस्तानों (Gloves) के उनके पास न जाएं।
- हाथों की स्वच्छता: बार-बार हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोएं या अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
- ट्रैवल हिस्ट्री पर नजर: जो लोग इबोला प्रभावित देशों (विशेषकर अफ्रीकी देशों) की यात्रा करके लौटे हैं, उन्हें कम से कम 21 दिनों तक अपने स्वास्थ्य और बुखार पर नजर रखनी चाहिए।
- मरीज को तुरंत करें आइसोलेट: संक्रमण के थोड़े से भी लक्षण दिखने पर मरीज को अन्य लोगों से तुरंत अलग (Quarantine) कर देना चाहिए ताकि यह दूसरों में न फैले।
अफ़वाहों से बचें: भारत में नहीं है कोई खतरा
सोशल मीडिया या इंटरनेट पर चल रही उन खबरों से बिल्कुल न घबराएं जिनमें दावा किया जा रहा है कि इबोला भारत पहुंच चुका है। यह दावा पूरी तरह गलत है। भारत में इबोला का कोई मामला नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि पैनिक करने (घबराने) के बजाय अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।

