जिला पंचायत सीईओ ने छात्रावास में बच्चों से किया शैक्षिक संवाद, अनुशासन और मेहनत का दिया संदेश,17 का पहाड़ा सुनाने वाले मयंक और अंग्रेजी में परिचय देने वाले अंश की सराहना, छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण

जिला पंचायत सीईओ ने छात्रावास में बच्चों से किया शैक्षिक संवाद, अनुशासन और मेहनत का दिया संदेश,17 का पहाड़ा सुनाने वाले मयंक और अंग्रेजी में परिचय देने वाले अंश की सराहना, छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण
कटनी-कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले के छात्रावासों की व्यवस्थाओं और शैक्षिक गतिविधियों के निरीक्षण के क्रम में जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने शनिवार को रॉबर्ट लाइन स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें बड़े सपने देखने, अनुशासित रहने और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
संवाद के दौरान जब एक छात्र ने कहा कि वह भी उनके जैसा बनना चाहता है, तो सुश्री कौर ने बच्चों से कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।
सीईओ ने विद्यार्थियों से पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। बच्चों ने सेना, पुलिस, डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित अध्ययन और अनुशासित जीवन अपनाने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान सुश्री कौर ने स्वयं शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों से पहाड़े, गणित, गिनती और अंग्रेजी से जुड़े प्रश्न पूछे। कक्षा तीसरी के छात्र मयंक ने 17 का पहाड़ा सुनाकर सभी को प्रभावित किया, जबकि कक्षा पांचवीं के अंश पटेल ने अंग्रेजी में अपना परिचय देकर प्रशंसा बटोरी। दोनों विद्यार्थियों को सीईओ ने शाबाशी देकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके अलावा धरण सिंह, अगस्त सिंह, नितिन सिंह, प्रिंस, सत्यम और राजकुमार पटेल सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए।
शिक्षकों से चर्चा करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुरूप खेल-खेल में शिक्षा दी जाए, ताकि पढ़ाई उनके लिए बोझ न बनकर आनंददायक अनुभव बने और शिक्षा का स्थायी प्रभाव उनके मन-मस्तिष्क पर पड़े।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास के कक्ष, रसोईघर, भंडार गृह, आवासीय परिसर और शौचालयों का बारीकी से निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल तथा साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लेते हुए वार्डन और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के खान-पान, सुरक्षा और छात्रावास की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर डीपीसी प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी प्रीति सिंह, वार्डन प्रेमलता पटेल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








