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जंतर-मंतर हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, ‘गोली चलने का दावा झूठा, MLC में गनशॉट इंजरी का जिक्र नहीं’

जंतर-मंतर पर नहीं चली गोली" दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, RML की MLC रिपोर्ट में गनशॉट इंजरी खारिज

जंतर-मंतर हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, ‘गोली चलने का दावा झूठा, MLC में गनशॉट इंजरी का जिक्र नहीं’

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और गोलीबारी के दावों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान किसी भी महिला प्रदर्शनकारी पर गोली चलने या गनशॉट इंजरी (Gunshot Injury) होने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की आधिकारिक एमएलसी (MLC) रिपोर्ट में गोली लगने की बात साबित नहीं हुई है और इस पूरे मामले पर पुलिस जल्द ही एक औपचारिक बयान जारी करने जा रही है।

दिल्ली पुलिस का दावा: ‘RML की MLC में गोली का जिक्र नहीं’

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए बवाल के बाद संबंधित महिला आरएमएल (RML) अस्पताल गई थी:

  • RML अस्पताल की MLC: डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई मेडिकल लीगल केस (MLC) रिपोर्ट में गनशॉट इंजरी (गोली से चोट) का कोई उल्लेख नहीं था। पुलिस का कहना है कि जब मौके पर कोई फायरिंग हुई ही नहीं, तो गोली लगने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

  • गुरुग्राम के प्राइवेट अस्पताल का रोल: पुलिस ने आगे बताया कि आरएमएल से जाने के बाद महिला ने गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में दोबारा एमएलसी बनवाई। वहां के डॉक्टर ने रिपोर्ट में गनशॉट इंजरी लिखकर उसके आगे क्वेश्चन मार्क (?) लगा दिया। पुलिस का कहना है कि इसी के आधार पर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।

“कान का बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त…” – रांची की छात्रा नूतन टोप्पो का दर्द

दूसरी ओर, इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुई रांची की छात्रा नूतन टोप्पो ने अपनी आपबीती साझा करते हुए प्रशासन पर गंभीर उपेक्षा के आरोप लगाए हैं:

  • राजीव चौक के पास हुआ हादसा: नूतन के मुताबिक, वह गुरुग्राम से अकेले जंतर-मंतर आंदोलन को समर्थन देने पहुंची थीं। लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद वह जान बचाने के लिए राजीव चौक के पास स्थित एक पार्क में चली गईं।

  • तेज वस्तु से हमला: नूतन का दावा है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने हथियार तान रखे थे, तभी अचानक उनके दाहिने कान पर किसी बेहद तेज वस्तु से वार हुआ, जिससे उनका दाहिना कान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। उनका मानना है कि यदि आंसू गैस का केन लगा होता तो इतनी गंभीर चोट नहीं आती।

  • उपेक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग: छात्रा ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी उन्हें किसी भी सरकारी स्तर पर मदद या संवेदनशीलता नहीं मिली। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 CJP का आंदोलन स्थगित, भविष्य में फिर उतरेंगी मैदान में

नूतन टोप्पो ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मांगों को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी युवाओं और छात्रों के हितों की बात आएगी, तो वह फिर से मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

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