Middle East Crisis: मध्य पूर्व में फिर भड़की जंग की आग-अमेरिका और सऊदी का इराक में बड़ा हवाई हमला, IRGC के 30 से अधिक ड्रोन अटैक के बाद चेतावनी
30 ड्रोन अटैक का अमेरिका-सऊदी ने दिया करारा जवाब" इराक में मिलिशिया के ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक
Middle East Crisis: मध्य पूर्व में फिर भड़की जंग की आग-अमेरिका और सऊदी का इराक में बड़ा हवाई हमला, IRGC के 30 से अधिक ड्रोन अटैक के बाद चेतावनी
वाशिंगटन / रियाद: ईरान और अमेरिका के बीच हालिया युद्धविराम के बावजूद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) के अनुसार, पिछले तीन दिनों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इशारे पर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए हैं।
इसके करारे जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया के हथियारों और रसद ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले (Airstrikes) किए हैं। अमेरिका ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि IRGC और उसके सहयोगी गुट ड्रोन हमले तुरंत बंद नहीं करते, तो अमेरिका और भी भीषण सैन्य कार्रवाई करेगा।
सऊदी के तेल ठिकानों पर दूसरे दिन भी ड्रोन हमला
सऊदी अरब ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक की सीमा की ओर से आ रहे ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ड्रोनों को हवा में ही ढेर कर दिया। ये ड्रोन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण तेल सुविधाओं (Oil Facilities) को निशाना बनाने की फिराक में थे।
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जांच के आदेश: सोमवार और मंगलवार को लगातार हुए इन हमलों के बाद इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को मामले की त्वरित जांच के आदेश दिए हैं।
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इराकी मिलिशिया की सफाई: हालांकि, ईरान समर्थित इराकी समूहों के संगठन ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने इन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया है।
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हूतियों ने ली जिम्मेदारी: इराकी समूहों का दावा है कि ये हमले येमेन के हूती विद्रोहियों ने किए हैं। हूतियों ने खुद सऊदी के तेल ठिकानों पर हमले की जिम्मेदारी ली है, जबकि तेहरान की ओर से इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
युद्धविराम के बावजूद होर्मुज और बीहड़ इलाकों में तनाव जारी
जून में दोनों पक्षों के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम के बावजूद फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव बना हुआ है।
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भारी बुनियादी ढांचे का नुकसान: ईरान ने मंगलवार को खुलासा किया कि अमेरिकी हमलों में उसका एक प्रमुख हवाई अड्डा, एक समुद्री नियंत्रण टावर, 12 पुल और 2 सुरंगें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।
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समुद्री मार्ग ठप: युद्ध शुरू होने से पहले ही ईरान ने होर्मुज के जलमार्ग को बंद कर दिया था और कई मालवाहक जहाजों व तेल टैंकरों पर हमले किए थे। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए इस सैन्य अभियान के बाद पूरे क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।








