ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम: PM मोदी बोले-‘ताकत का सही इस्तेमाल ही तय करेगा मानवता का भविष्य’
नई दिल्ली: भारत में पहली बार आयोजित हुए ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक, डेटा और इनोवेशन के दौर में विकास का एक नया वैश्विक दृष्टिकोण पेश किया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आज असली सवाल यह नहीं है कि ताकत किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तकनीक और ज्ञान का लाभ कुछ लोगों तक सीमित रहने के बजाय आम जनता के सशक्तीकरण और नए अवसरों के निर्माण का माध्यम बनना चाहिए।
पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की शक्ति का मकसद नागरिकों को सिस्टम पर निर्भर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना होना चाहिए। इसी सोच और नीतियों का परिणाम है कि भारत ने पिछले 10 सालों में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से सफलतापूर्वक बाहर निकाला है, जो कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है।
लोकतंत्र की जननी: विचारों की आजादी और डिजिटल क्रांति
पीएम मोदी ने भारत की विविधता को रेखांकित करते हुए कहा कि 100 से अधिक भाषाओं, 80,000 पंजीकृत अखबारों, 1,000 सैटेलाइट चैनलों और 50 करोड़ से अधिक यूट्यूब व इंस्टाग्राम यूज़र्स के साथ भारत वास्तव में ‘लोकतंत्र की जननी’ है। यहाँ अलग-अलग विचारों पर खुलकर चर्चा होती है और डिजिटल तकनीक ने इस संवाद को और अधिक व्यापक बनाया है।
प्रमुख बिंदु: AI का दायरा और जलवायु परिवर्तन में भारत की मिसाल
इंसानों और जानवरों दोनों के लिए AI: ‘AI इम्पैक्ट समिट’ का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल न सिर्फ इंसानों के कल्याण के लिए, बल्कि बेजुबान जानवरों के हित में भी करने पर जोर दे रहा है।
पेरिस समझौते का लक्ष्य 9 साल पहले हासिल किया: जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2030 तक 40% नॉन-फॉसिल फ्यूल बिजली क्षमता का लक्ष्य भारत ने नवंबर 2021 में ही हासिल कर लिया था। भारत यह उपलब्धि समय से 9 साल पहले हासिल करने वाला पहला G20 देश बना।
भारत की हजारों साल पुरानी परंपरा पर आधारित विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा सिखाती है कि ज्ञान, धन और ताकत की असली सार्थकता उनके सही उपयोग में है। भारत अपने शासन मॉडल में इसी सोच को अपनाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पहली बार भारत में इस वैश्विक मंच के सफल आयोजन के लिए ब्लूमबर्ग और उनकी टीम को बधाई भी दी।












