जयराम रमेश का बड़ा बयान: ‘जो नेता कांग्रेस छोड़ BJP में गए, उनकी वापसी पर सोचना भी शर्मनाक; दोबारा न मिले एंट्री’
जयराम रमेश का बड़ा बयान: 'जो नेता कांग्रेस छोड़ BJP में गए, उनकी वापसी पर सोचना भी शर्मनाक; दोबारा न मिले एंट्री'
जयराम रमेश का बड़ा बयान: ‘जो नेता कांग्रेस छोड़ BJP में गए, उनकी वापसी पर सोचना भी शर्मनाक; दोबारा न मिले एंट्री’
पॉलिटिकल डेस्क: देश में जारी दलबदल की सियासत और नेताओं के पाला बदलने की खबरों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जो नेता कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए हैं, उन्हें कभी भी पार्टी में वापस नहीं लिया जाना चाहिए।
पीटीआई (PTI) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में जयराम रमेश ने कहा कि ऐसे नेताओं को वापस लेने के बारे में सोचना भी पार्टी के लिए शर्मनाक होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी राय है।
“सत्ता सुख भोगने के बाद छोड़ा साथ” – जयराम रमेश
इंटरव्यू के दौरान जब जयराम रमेश से पूछा गया कि क्या भविष्य में कांग्रेस इन नेताओं की वापसी पर विचार कर सकती है? तो उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में अपनी राय रखी:जयराम रमेश का बड़ा बयान: ‘जो नेता कांग्रेस छोड़ BJP में गए, उनकी वापसी पर सोचना भी शर्मनाक; दोबारा न मिले एंट्री’
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विचारधारा की परीक्षा: उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों ने यह साबित कर दिया है कि कौन सा नेता विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा रहा और कौन नहीं। आज कांग्रेस में सिर्फ वही लोग बचे हैं जो पार्टी की विचारधारा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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शर्मनाक होगी वापसी: जयराम रमेश ने कहा, “मैं किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं ले रहा हूं, लेकिन जिन लोगों ने सत्ता और पद की सुख-सुविधाओं का आनंद लिया, पार्टी से तमाम लाभ उठाए और फिर पार्टी छोड़ दी, उन्हें वापस बुलाने पर विचार करना भी हमारे लिए शर्मनाक होगा।”
राहुल गांधी के करीबियों और युवा नेताओं पर निशाना
जयराम रमेश का यह बयान उन युवा नेताओं के संदर्भ में देखा जा रहा है जिन्हें कभी कांग्रेस की अगली पीढ़ी का बड़ा चेहरा और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता था:
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इन युवा चेहरों ने बदला पाला: पिछले कुछ सालों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और मिलिंद देवड़ा जैसे कई दिग्गज युवा नेताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था।
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अवसर मिलने के बाद भी छोड़ गए: उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन युवा नेताओं को संगठन में बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और अवसर मिले थे, इसके बावजूद उन्होंने वैचारिक रूप से बिल्कुल विपरीत पार्टी में जाने का फैसला किया।
उल्लेखनीय है कि बीजेपी में शामिल होने के बाद इनमें से कई नेताओं को केंद्र और राज्य सरकारों में बड़े पद मिले हैं और वे लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कांग्रेस आलाकमान पर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में जयराम रमेश का यह बयान पार्टी के भीतर एक सख्त संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।








