
किसानों को बड़ी राहत: बफर स्टॉक के लिए केंद्र ने प्याज की खरीदी दर 13% बढ़ाई, मंडियों में उछले दाम
नई दिल्ली/बदनावर: लगातार गिरते दामों और बाजार में छाई मंदी से नुकसान झेल रहे देश के प्याज उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। किसानों की बढ़ती नाराजगी और बाजार के हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की सरकारी खरीदी दर (Procurement Rate) में 13 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है।
सरकार के इस फैसले का असर जमीनी स्तर पर भी तुरंत दिखने लगा है। नई दरें लागू होने के दूसरे ही दिन मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध बदनावर मंडी में प्याज के दामों में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। इस उछाल से किसानों के चेहरे खिल गए हैं और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जग गई है।
1875 रुपये से बढ़कर ₹2,125 हुई खरीदी दर
केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीदी दर को पहले के 1875 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर अब 2125 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 21.25 रुपये प्रति किलो) कर दिया है।
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कब से लागू हुईं नई दरें?: यह नई व्यवस्था 4 जुलाई से पूरे देश में प्रभावी हो चुकी है।
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कौन कर रहा खरीदी?: सरकारी एजेंसियां (जैसे NAFED और NCCF) अब इसी नए और बढ़े हुए मूल्य पर सीधे किसानों से प्याज की खरीदी कर रही हैं।
मंदी के माहौल में संजीवनी साबित होगा फैसला
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि: पिछले कुछ समय से मंडियों में प्याज की बंपर आवक और कम मांग के कारण दाम लगातार नीचे गिर रहे थे, जिससे किसानों को लागत निकालना भी भारी पड़ रहा था। लेकिन सरकार द्वारा खरीदी दर बढ़ाने से खुले बाजार (Open Market) पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। व्यापारियों को भी अब मंडियों में ऊंचे दामों पर प्याज खरीदना होगा, जिसका सीधा फायदा आम किसानों की जेब तक पहुंचेगा।
सरकार के इस समय पर लिए गए फैसले से न केवल किसानों का आर्थिक नुकसान रुकेगा, बल्कि आने वाले दिनों में प्याज के बाजार में स्थिरता आने की पूरी उम्मीद है।








