बड़ी खबर: 40 साल पुराना सिस्टम खत्म- अगले साल से ‘ऑनलाइन’ होगी NEET परीक्षा; पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का डिजिटल मास्टरस्ट्रोक। मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के इतिहास में आज का दिन सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में दर्ज किया गया है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों से घिरी सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए डिजिटल क्रांति का ऐलान कर दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि 2027 से नीट की परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (Online) होगी।
बड़ी खबर: 40 साल पुराना सिस्टम खत्म- अगले साल से ‘ऑनलाइन’ होगी NEET परीक्षा; पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का डिजिटल मास्टरस्ट्रोक
क्यों लिया गया यह ऐतिहासिक फैसला?
अब तक नीट परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट और भौतिक प्रश्नपत्रों के जरिए होती थी। सरकार का मानना है कि फिजिकल पेपर के परिवहन और प्रिंटिंग के दौरान ही लीक की गुंजाइश रहती है।
-
नो मोर ओएमआर: अगले साल से ओएमआर शीट भरने का झंझट खत्म हो जाएगा।
-
फुलप्रूफ सुरक्षा: कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में प्रश्नपत्र सीधा स्क्रीन पर आएगा, जिससे लीक की संभावना न के बराबर होगी।
इस साल (2026) के लिए ‘VIP’ इंतजाम
अगले साल के बड़े बदलाव के साथ-साथ, इस साल 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (Re-Exam) के लिए भी सरकार ने छात्रों को ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ देने का वादा किया है:
-
फ्री सफर: परीक्षार्थियों के लिए सरकार मुफ्त बस और विशेष ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करेगी।
-
बोनस टाइम: परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए हर छात्र को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
-
पसंद का शहर: छात्र एक हफ्ते के भीतर अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र (शहर) दोबारा चुन सकेंगे।
-
जेब पर बोझ नहीं: 3 मई की परीक्षा की फीस रिफंड होगी और दोबारा परीक्षा के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।
एग्जाम माफिया पर ‘डिजिटल’ स्ट्राइक
शिक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि सीबीआई जांच के जरिए एक-एक अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 21 जून को होने वाला एग्जाम पूरी पारदर्शिता के साथ होगा और 2027 से ऑनलाइन मोड लागू होने के बाद ‘एग्जाम माफिया’ का खेल हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

