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रादुवि की बड़ी लापरवाही: NEP के तहत मार्च-अप्रैल में होनी थी परीक्षा, जुलाई बीतने के बाद भी टाइम-टेबल गायब; 20 हजार छात्रों का भविष्य अधर में

रादुवि की बड़ी लापरवाही: NEP के तहत मार्च-अप्रैल में होनी थी परीक्षा, जुलाई बीतने के बाद भी टाइम-टेबल गायब; 20 हजार छात्रों का भविष्य अधर में

रादुवि की बड़ी लापरवाही: NEP के तहत मार्च-अप्रैल में होनी थी परीक्षा, जुलाई बीतने के बाद भी टाइम-टेबल गायब; 20 हजार छात्रों का भविष्य अधर में

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुवि) की सुस्त प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मुसीबत बन गई है। नई शिक्षा नीति (NEP) के कड़े नियमों के तहत स्नातक (UG) प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में आयोजित कर मई-जून तक परिणाम घोषित किए जाने का स्पष्ट प्रावधान है, ताकि नया शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू हो सके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जुलाई का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक परीक्षा का कार्यक्रम (Time-Table) तक घोषित नहीं कर पाया है। विश्वविद्यालय की इस लेट-लतीफी से संबद्ध कॉलेजों के करीब 20 हजार विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर गहरे असमंजस और चिंता में हैं।

इन कोर्स के छात्र झेल रहे हैं मार

रादुवि से संबद्ध जबलपुर और आसपास के जिलों के महाविद्यालयों में अध्ययनरत बीए (BA), बीकॉम (B.Com), बीएससी (B.Sc), बीएचएससी (BHSc), बीसीए (BCA), बीबीए (BBA) तथा बीबीए-होटल मैनेजमेंट सहित स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। परीक्षा तिथियां घोषित न होने से छात्रों के मन में यही सवाल तैर रहा है कि आखिर उनकी परीक्षाएं कब होंगी, रिजल्ट कब आएगा और अगली कक्षा का सत्र कब शुरू हो पाएगा।रादुवि की बड़ी लापरवाही: NEP के तहत मार्च-अप्रैल में होनी थी परीक्षा, जुलाई बीतने के बाद भी टाइम-टेबल गायब; 20 हजार छात्रों का भविष्य अधर में

फॉर्म भरे एक महीना बीता, फिर भी सोया है प्रशासन

विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली कितनी लचर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी होने के बाद भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं:

  • 18 मई 2026: विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अधिसूचना जारी की थी।

  • 27 मई 2026: परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित थी, जो समय पर पूरी भी हो गई।

  • स्थिति: फॉर्म जमा हुए एक महीने से अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन परीक्षा प्रबंधन प्रणाली टाइम-टेबल जारी करने में पूरी तरह नाकाम रही है।

पूरा शैक्षणिक कैलेंडर पटरी से उतरा

लगातार बढ़ रही इस देरी की वजह से विश्वविद्यालय का पूरा शैक्षणिक कैलेंडर (Academic Calendar) बुरी तरह प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। यदि जुलाई के अंत या अगस्त में परीक्षाएं शुरू होती हैं, तो कॉपियों को जांचने और परिणाम घोषित करने में अक्टूबर-नवंबर तक का समय लग जाएगा। ऐसे में प्रथम वर्ष के छात्रों का अगला सत्र करीब 4 से 5 महीने लेट हो जाएगा, जिसका सीधा असर उनकी डिग्री पूरी होने की अवधि पर पड़ेगा। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही

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