इंदौर रेलवे स्टेशन का बड़ा मेकओवर: 24 कोच की क्षमता वाला बनेगा प्लेटफॉर्म नंबर-5, नई ट्रेनों की शुरुआत का रास्ता साफ
इंदौर रेलवे स्टेशन का बड़ा मेकओवर: 24 कोच की क्षमता वाला बनेगा प्लेटफॉर्म नंबर-5, नई ट्रेनों की शुरुआत का रास्ता साफ

इंदौर रेलवे स्टेशन का बड़ा मेकओवर: 24 कोच की क्षमता वाला बनेगा प्लेटफॉर्म नंबर-5, नई ट्रेनों की शुरुआत का रास्ता साफ
इंदौर। मालवा अंचल के सबसे प्रमुख और व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक- इंदौर जंक्शन (INDB)- पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और ट्रेनों के भारी दबाव को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 की लंबाई को बढ़ाकर अब 24 कोच (डिब्बों) के अनुकूल किया जा रहा है।
इस विस्तार के बाद इंदौर से देश के अन्य राज्यों (जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता) के लिए चलने वाली 24 डिब्बों वाली फुल-लेंथ सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें अब सीधे प्लेटफॉर्म-5 से भी ऑपरेट हो सकेंगी। इससे न सिर्फ स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में इंदौर से कई नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो जाएगा।
अभी क्या थी समस्या?
इंदौर रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन (चोटी ग्वालटोली साइड) में प्लेटफॉर्म 1 से 4 स्थित हैं, जहां ज्यादातर ट्रेनों का दबाव रहता है। वहीं प्लेटफॉर्म नंबर-5 और 6 (नेहरू पार्क/SGSITS कॉलेज साइड) की लंबाई कम होने के कारण यहाँ 24 कोच वाली बड़ी ट्रेनें नहीं खड़ी हो पाती थीं। यदि किसी बड़ी ट्रेन को यहाँ लाया जाता था, तो उसके कुछ डिब्बे प्लेटफॉर्म से बाहर रह जाते थे, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए रेलवे ने प्लेटफॉर्म-5 के विस्तारीकरण (Extension) के काम को हरी झंडी दी है।
प्लेटफॉर्म-5 के विस्तार से होने वाले 3 बड़े फायदे:
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ज्यादा ट्रेनों का संचालन और समय की बचत: मुख्य प्लेटफॉर्म्स (1 से 4) पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। आउटर पर खड़ी रहने वाली ट्रेनों को अब सीधे प्लेटफॉर्म-5 पर जगह मिल सकेगी, जिससे ट्रेनें लेट नहीं होंगी।
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यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत: 24 कोच की क्षमता होने से अब स्लीपर, जनरल और एसी कोच के यात्रियों को पटरियों पर या प्लेटफॉर्म के बाहर उतरने के जोखिम से मुक्ति मिलेगी। पूरे प्लेटफॉर्म पर शेड और कोच इंडिकेटर की आधुनिक व्यवस्था भी की जाएगी।
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नई ट्रेनों की मिलेगी सौगात: इंदौर से दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के लंबे रूटों के लिए नई ट्रेनें शुरू करने की मांग लंबे समय से हो रही थी। ट्रैक और प्लेटफॉर्म की क्षमता बढ़ने से रेलवे बोर्ड अब आसानी से नई ट्रेनों को मंजूरी दे सकेगा।
यात्रियों के लिए विशेष नोट: रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण और इंजीनियरिंग के काम के दौरान कुछ समय के लिए इस प्लेटफॉर्म से चलने वाली ट्रेनों के समय या प्लेटफॉर्म में अस्थाई बदलाव किया जा सकता है। चूंकि प्लेटफॉर्म 5 और 6 मुख्य स्टेशन से करीब 1 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर (नेहरू पार्क की तरफ) स्थित हैं, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ट्रेन का प्लेटफॉर्म नंबर पहले से चेक कर उसी एंट्री गेट से स्टेशन में प्रवेश करें।








