जम्मू-कश्मीर राजनीति में महाभूकंप: नेशनल कांफ्रेंस में बड़ी बगावत, 18 विधायकों की गुप्त बैठक से उमर सरकार पर संकट के बादल!

नेशनल कांफ्रेंस बगावत

श्रीनगर / जम्मू-कश्मीर | 30 अक्टूबर 2026 जम्मू-कश्मीर राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नेशनल कांफ्रेंस बगावत की आग में झुलसती नजर आ रही है। उमर अब्दुल्ला सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की आग अब खुली बगावत का रूप ले चुकी है।

नेशनल कांफ्रेंस बगावत

सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, नेशनल कांफ्रेंस के 18 विधायकों ने एक साथ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार (30 अक्टूबर) दोपहर को लोलब (Lolab) से NC के प्रमुख विधायक कैसर जमशेद लोन (Qaiser Jamsheed Lone) के श्रीनगर स्थित आवास पर 18 असंतुष्ट विधायकों की एक गुप्त और बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई।

सूत्रों के अनुसार, नेशनल कांफ्रेंस बगावत का यह मामला अब पार्टी आलाकमान के गले की फांस बन चुका है…” या “उमर अब्दुल्ला के सामने नेशनल कांफ्रेंस बगावत को रोकने की सबसे बड़ी चुनौती है।”

क्या है बगावत का मुख्य कारण?

उमर अब्दुल्ला सरकार ने हाल ही में मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। इस विस्तार के बाद से ही पार्टी के वरिष्ठ और समर्पित विधायकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

  • पुराने मंत्रियों को हटाने की मांग: बगावती तेवर अपना रहे 18 विधायकों ने सर्वसम्मति से मांग रखी है कि 16 अक्टूबर 2024 को सरकार गठन के समय शपथ लेने वाले चारों मंत्रियों को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए।

  • नये चेहरों को मिले मौका: बागी विधायकों का तर्क है कि शुरुआती मंत्री अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और अब संगठन के अन्य वरिष्ठ व जमीनी नेताओं को मंत्रिमंडल में अवसर मिलना चाहिए।

  • पार्टी मुख्यालय पर प्रदर्शन: इस असंतोष की झलक हाल ही में श्रीनगर स्थित नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य कार्यालय पर भी देखने को मिली थी, जहां कई नाराज विधायकों के समर्थकों ने नए मंत्रियों की नियुक्ति के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था।

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विधायक जमशेद लोन के घर पर बनी रणनीति

श्रीनगर स्थित विधायक कैसर जमशेद लोन के निवास स्थान पर जुटे 18 विधायकों ने आगे की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में यह तय किया गया है कि यदि पार्टी आलाकमान (डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला) ने विधायकों की जायज मांगों पर जल्द कोई बड़ा कदम नहीं उठाया, तो ये 18 विधायक सामूहिक रूप से बड़ा फैसला ले सकते हैं।

अब्दुल मजीद लारमी जैसे वरिष्ठ नेताओं और अन्य बागी विधायकों का आरोप है कि मंत्रिमंडल में नए और जूनियर चेहरों को तरजीह दी गई, जबकि वरिष्ठ और वफादार नेताओं की अनदेखी की गई।

उमर अब्दुल्ला सरकार के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती

नेशनल कांफ्रेंस के भीतर यह बगावत उमर अब्दुल्ला सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है। 18 विधायकों का एक साथ खड़ा होना यह साफ संकेत देता है कि असंतोष बेहद गहराई तक फैल चुका है।

यदि इन बागी विधायकों ने कोई कठोर कदम उठाया या सरकार से अपना समर्थन वापस लेने जैसा रुख अपनाया, तो जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के बहुमत पर गंभीर संकट मंडरा सकता है।

पार्टी आलाकमान में हड़कंप, डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू

18 विधायकों की इस गुप्त बैठक और बगावत की खबर फैलते ही नेशनल कांफ्रेंस के शीर्ष नेतृत्व (फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला) में हड़कंप मच गया है। पार्टी आलाकमान अब अंदरूनी कलह को शांत करने और बागी विधायकों को मनाने के लिए शीर्ष स्तर पर बातचीत (Damage Control) की तैयारी कर रहा है।

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FAQ – जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस बगावत समाचार

Q1. नेशनल कांफ्रेंस (NC) में बगावत क्यों हुई है?

उत्तर: हालिया मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने और जूनियर नेताओं को तरजीह देने के कारण 18 विधायकों में भारी नाराजगी है।

Q2. बागी विधायकों की मुख्य मांग क्या है?

उत्तर: बागी विधायकों की मांग है कि सरकार गठन के समय बनाए गए पुराने 4 मंत्रियों को हटाया जाए और नए व समर्पित विधायकों को मंत्री पद दिया जाए।

Q3. 18 विधायकों की बैठक कहां हुई थी?

उत्तर: यह महत्वपूर्ण बैठक श्रीनगर में लोलब विधानसभा सीट से NC के विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर हुई।