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MP High Court का बड़ा फैसला: फर्जी नर्सिंग कॉलेजों पर चाबुक, 130 कॉलेजों को झटका; कहा- बिना प्रैक्टिकल की डिग्री जानलेवा

MP नर्सिंग घोटाला: हाई कोर्ट से 2395 GNM छात्रों को बड़ी राहत, परीक्षा परिणाम जारी करने की मिली अनुमति

  • MP High Court का बड़ा फैसला: फर्जी नर्सिंग कॉलेजों पर चाबुक, 130 कॉलेजों को झटका; कहा- बिना प्रैक्टिकल की डिग्री जानलेवा
  • MP नर्सिंग घोटाला: हाई कोर्ट से 2395 GNM छात्रों को बड़ी राहत, परीक्षा परिणाम जारी करने की मिली अनुमति

जबलपुर:मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाले में जबलपुर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 130 फर्जी और अपात्र नर्सिंग कॉलेजों को किसी भी तरह की राहत देने से साफ इंकार कर दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने बेहद तल्ख टिप्पणी की कि बिना पर्याप्त पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के बांटी जा रही नर्सिंग डिग्रियां सीधे तौर पर मरीजों की जान के लिए खतरा हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे संस्थानों पर कोई रहम नहीं बरता जाएगा।

2395 विद्यार्थियों को राहत, रिजल्ट जारी करने की अनुमति- एक्स्ट्रा क्लास और डबल शिफ्ट में पूरी होगी पढ़ाई

हाई कोर्ट की प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किए:

  • पढ़ाई का बैकलाग होगा पूरा: स्थानांतरण के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण में जो कमी रह गई है, उसे अतिरिक्त कक्षाओं (Extra Classes) और दोहरी पाली (Double Shift) में पूरा कराया जाए।

  • समय पर कोर्स पूरा करने का लक्ष्य: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना कोर्स का समय पर पूरा होना आवश्यक है।

शेष 2080 विद्यार्थियों का भी जल्द होगा ट्रांसफर

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने स्थिति स्पष्ट की:

  • स्थानांतरण की स्थिति: अपात्र पाए गए कॉलेजों के कुल 4475 प्रभावित विद्यार्थियों में से 2395 छात्रों को पहले ही पात्र कॉलेजों में स्थानांतरित किया जा चुका है।

  • शेष छात्रों की प्रक्रिया जारी: बचे हुए 2080 विद्यार्थियों को भी बहुत जल्द मान्यता प्राप्त पात्र कॉलेजों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।

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