जबलपुर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: मनमाने ढंग से मेडिक्लेम खारिज करने पर आदित्य बिरला इंश्योरेंस पर जुर्माना; ब्याज समेत देने होंगे ₹1.14 लाख
जबलपुर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: मनमाने ढंग से मेडिक्लेम खारिज करने पर आदित्य बिरला इंश्योरेंस पर जुर्माना; ब्याज समेत देने होंगे ₹1.14 लाख

जबलपुर उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: मनमाने ढंग से मेडिक्लेम खारिज करने पर आदित्य बिरला इंश्योरेंस पर जुर्माना; ब्याज समेत देने होंगे ₹1.14 लाख
जबलपुर: आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को एक बीमाधारक का मेडिक्लेम क्लेम (Mediclaim) बिना किसी ठोस कारण के निरस्त करना भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, जबलपुर ने कंपनी की इस कार्यप्रणाली को ‘सेवा में कमी’ मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।
आयोग ने बीमा कंपनी को क्लेम की पूरी राशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने और साथ ही मानसिक कष्ट व वाद व्यय (कानूनी खर्च) के रूप में अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह आदेश जबलपुर निवासी रोहित जैन की याचिका पर सुनाया गया है। परिवादी की ओर से अधिवक्ता अरुण जैन ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा:
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पॉलिसी और अस्पताल में भर्ती: परिवादी ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से ‘ग्रुप एक्टिव हेल्थ फैमिली फ्लोटर पॉलिसी’ ले रखी थी। अगस्त-सितंबर 2020 में न्यूमोनाइटिस के इलाज के लिए उन्हें जबलपुर के लाइफ मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां इलाज में ₹1.07 लाख से अधिक खर्च हुए।
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कंपनी ने मनमाने ढंग से खारिज किया क्लेम: इलाज के बाद जब बीमा प्रतिपूर्ति का दावा किया गया, तो बीमा कंपनी ने अस्पताल में भर्ती के दौरान ‘लैप्सेस एंड डिस्क्रेपेंसी’ (खामियों व विसंगतियों) का अस्पष्ट हवाला देते हुए 20 मार्च 2021 को क्लेम निरस्त कर दिया।
उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को लगाई फटकार
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पंकज यादव तथा सदस्य अमित सिंह तिवारी और सोनल पंडित की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की।
आयोग ने अपने आदेश में कहा:
- बीमा कंपनी न तो दावा निरस्तीकरण पत्र में कोई स्पष्ट कारण बता सकी और न ही आयोग के समक्ष कोई ठोस साक्ष्य पेश कर पाई।
- अस्पताल की डिस्चार्ज समरी और उपचार संबंधी दस्तावेज वास्तविक इलाज की पुष्टि करते हैं।
- बिना ठोस आधार के क्लेम खारिज करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में गंभीर लापरवाही और कमी है।
45 दिनों के भीतर करना होगा भुगतान
उपभोक्ता आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस को निम्नलिखित भुगतान 45 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया है:
- इलाज का खर्च: इलाज में लगे ₹1,07,613 की राशि, 20 मार्च 2021 से भुगतान की तिथि तक 7% वार्षिक ब्याज के साथ।
- मानसिक कष्ट मुआवजा: ₹5,000 की राशि।
- वाद व्यय (लीगल फीस): ₹2,000 की राशि।








