अमेरिका का बड़ा फैसला: दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर नहीं लगेगा Ad Valorem टैरिफ, भारत समेत 20 देशों को राहत

अमेरिका का बड़ा फैसला: दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर नहीं लगेगा Ad Valorem टैरिफ, भारत समेत 20 देशों को राहत
वाशिंगटन / नई दिल्ली: अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय फार्मास्यूटिकल सेक्टर और अमेरिकी मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरा कदम उठाया है। अमरीका के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स (Commerce Department) द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, भारत सहित 20 प्रमुख साझेदार देशों से आयात की जाने वाली विशेष (Speciality) दवाओं, ऑर्फन ड्रग्स (Orphan Drugs) और उनके प्रमुख एक्टिव इंग्रिडिएंट्स (API) पर शून्य प्रतिशत (0%) ‘एड वैलोरम’ (Ad Valorem) टैरिफ लागू होगा।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका 29 सितंबर 2026 से पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल इंपोर्ट्स और उनके कंपोनेंट्स पर 100% तक का सीमा शुल्क (Tariff) लागू करने की तैयारी में है।
प्रमुख बिंदु: क्या है इस अधिसूचना में?
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0% टैरिफ की छूट: दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के इलाज में काम आने वाली विशेष दवाओं और सामग्री पर कोई एड वैलोरम टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
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20 पात्र देश/क्षेत्र: इस छूट के दायरे में भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, यूरोपीय संघ (EU), ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, नॉर्थ मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन (UK) और वियतनाम शामिल हैं।
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जेनेरिक दवाओं पर प्रभाव नहीं: अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत से निर्यात होने वाली जेनेरिक (Generic) दवाएं और उनसे जुड़ी सामग्री धारा 232 के तहत लगने वाले इस 100% टैरिफ के दायरे से बाहर हैं।
किन दवाओं और मेडिकल प्रोडक्ट्स को मिलेगी छूट?
अधिसूचना के मुताबिक, 0% टैरिफ की यह विशेष राहत उन उत्पादों को मिलेगी जिनका उपयोग निम्नलिखित उपचारों में होता है:
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दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियां (Orphan Drugs): ऑर्फन डिजीज के इलाज के लिए विशेष रूप से स्वीकृत दवाएं।
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बांझपन (Infertility) का इलाज: इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट में प्रयुक्त मेडिसिन्स।
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एडवांस मेडिकल थेरेपी: सेल थेरेपी (Cell Therapy), जीन थेरेपी (Gene Therapy) और एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स (Antibody-drug conjugates)।
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एनिमल हेल्थ: जानवरों के इलाज और वेलफेयर से जुड़ी दवाएं।
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की-स्टार्टिंग मटीरियल: इन दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) और मुख्य कंपोनेंट्स।
100% टैरिफ का बैकग्राउंड (Trade Expansion Act Section 232)
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ट्रंप प्रशासन की घोषणा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के इरादे से ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट (Trade Expansion Act) की धारा 232 के तहत पेटेंटेड दवाओं, बायोलॉजिक्स और संबंधित सामग्री पर 100% तक ड्यूटी लगाने की घोषणा की थी।
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लागू होने की समय-सीमा: कुछ फार्मा कंपनियों पर यह शुल्क 31 जुलाई से लागू हो चुका था, जबकि व्यापक दायरे में इसे 29 सितंबर 2026 से लागू किया जा रहा है।
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भारत के लिए राहत: हालांकि, फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित इस छूट वाली सूची के कारण भारतीय फार्मा कंपनियों को दुर्लभ और विशिष्ट श्रेणियों की आपूर्ति पर 100 फीसदी शुल्क की मार नहीं झेलनी पड़ेगी। अमेरिका का बड़ा फैसला: दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर नहीं लगेगा Ad Valorem टैरिफ, भारत समेत 20 देशों को राहत








