नहीं रहे ‘भुजिया किंग’ शिवरतन अग्रवाल, छोटे कारोबार से खड़ा किया हजारों करोड़ का बीकाजी साम्राज्य
नहीं रहे ‘भुजिया किंग’ शिवरतन अग्रवाल, छोटे कारोबार से खड़ा किया हजारों करोड़ का बीकाजी साम्राज्य। ‘भुजिया किंग’ के नाम से मशहूर शिवरतन अग्रवाल का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे Bikaji Foods International के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से स्नैक इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
नहीं रहे ‘भुजिया किंग’ शिवरतन अग्रवाल, छोटे कारोबार से खड़ा किया हजारों करोड़ का बीकाजी साम्राज्य
चेन्नई में चल रहा था इलाज
जानकारी के मुताबिक, शिवरतन अग्रवाल अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में परिवार के साथ चेन्नई में ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी, जिसके चलते वे पिछले करीब 10 दिनों से वहीं रह रहे थे। गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्होंने असहज महसूस किया, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई।
छोटे कारोबार से शुरू किया सफर
शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर से अपने बिजनेस की शुरुआत की थी। परिवार के पारंपरिक कारोबार से अलग होकर उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाना शुरू किया। उनका विजन था भारतीय स्वाद को नई पहचान देना।
8वीं पास, लेकिन बड़ा विजन
महज 8वीं तक पढ़े शिवरतन अग्रवाल ने अपनी सोच और मेहनत के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया। उन्होंने विदेशों का दौरा कर फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को समझा और भुजिया बनाने के पारंपरिक तरीके को बदल दिया।
मशीन से भुजिया बनाने की शुरुआत
उस दौर में भुजिया हाथ से बनाई जाती थी, लेकिन उन्होंने मशीनों के जरिए उत्पादन शुरू किया। बीकाजी देश का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने बड़े पैमाने पर मशीन से भुजिया तैयार की। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ।
ग्लोबल ब्रांड बना बीकाजी
आज बीकाजी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और पैकेजिंग के लिए जानी जाती है। शिवरतन अग्रवाल ने भारतीय स्नैक इंडस्ट्री को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
उनका निधन सिर्फ एक उद्योगपति का जाना नहीं, बल्कि उस शख्स की विदाई है जिसने छोटे शहर से उठकर भारतीय स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाई।

