Bhopal Farmer Protest: भोपाल की सड़कों पर उग्र हुए किसान, बैरिकेड्स तोड़े, सीएम आवास घेरने की कोशिश; सीएम मोहन यादव बोले- ‘बातचीत से निकालेंगे हल’
अभी तो यह ट्रेलर है!" भोपाल में उग्र हुए किसान, तोड़ी बैरिकेडिंग, बसों पर चढ़कर सीएम आवास घेराव की कोशिश
Bhopal Farmer Protest: भोपाल की सड़कों पर उग्र हुए किसान, बैरिकेड्स तोड़े, सीएम आवास घेरने की कोशिश; सीएम मोहन यादव बोले- ‘बातचीत से निकालेंगे हल’
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग दाल की 100 प्रतिशत एमएसपी (MSP) पर खरीदी और खाद वितरण में टोकन व्यवस्था को खत्म करने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए शहर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
होशंगाबाद रोड और वीर सावरकर सेतु के पास किसानों के भारी जमावड़े और ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए आज आसपास के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
बैरिकेड्स तोड़े, बसों पर चढ़े और अर्द्धनग्न होकर की नारेबाजी
सीएम आवास का घेराव करने की जिद्द पर अड़े किसानों का प्रदर्शन गुरुवार को और भी अधिक उग्र हो गया:
-
प्रशासन से झड़प: पुलिस द्वारा रास्ते में खड़ी की गई बसों पर किसान चढ़ गए और पानी की बोतलों के क्रेट फेंकते नजर आए। नर्मदापुरम और भोपाल के एंट्री पॉइंट्स पर किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए भारी बैरिकेड्स उठाकर फेंक दिए।
-
सड़कों पर बनाया आशियाना: वीर सावरकर सेतु पर किसानों ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ही अस्थायी घर बना लिया है। किसान बारी-बारी से विश्राम कर नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रख रहे हैं।
-
उग्र चेतावनी: कई किसान अर्द्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और भी भयानक रूप लेगा।
मंत्रालय में आपात बैठक, कृषि मंत्री रहे मौजूद
किसान आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए भोपाल स्थित मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में प्रदेश के कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री सहित वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सरकार किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर रास्ता निकालने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बयान: ‘बनाई गई है कमेटी, बातचीत से निकलेगा समाधान’
भोपाल में किसानों के उग्र प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा:
“हम किसानों के लिए पूरे राज्य में ‘कृषि कल्याण वर्ष’ मना रहे हैं। मैंने किसानों से जुड़े विषयों के समाधान के लिए एक विशेष समिति बनाई है जो किसानों से संवाद करेगी। बुधवार को भी हमने कृषि मंत्री को भेजा था और आज भी मंत्री व अधिकारी बातचीत कर रहे हैं। सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है, लेकिन दोनों पक्षों को यह ध्यान रखना होगा कि आम जनता को कोई परेशानी न हो। हम संवाद के जरिए ही इस समस्या का समाधान निकालेंगे।








