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सावधान: बर्तनों की चमक कहीं बढ़ा न दे पेट की बीमारी; डिशवॉश में मिलाया जा रहा है खतरनाक ‘एसिड स्लरी

सावधान: बर्तनों की चमक कहीं बढ़ा न दे पेट की बीमारी; डिशवॉश में मिलाया जा रहा है खतरनाक 'एसिड स्लरी

सावधान: बर्तनों की चमक कहीं बढ़ा न दे पेट की बीमारी; डिशवॉश में मिलाया जा रहा है खतरनाक ‘एसिड स्लरी

कटनी: आधुनिक जीवनशैली में बर्तनों को झटपट और आसानी से चमकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले नए जमाने के डिशवॉश (Dish Wash) लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं। डिटर्जेंट और स्वच्छता उत्पाद बनाने वाले उद्योगों (Detergent & Hygiene Products Industry) ने खुद इस बात को लेकर बड़ा खुलासा किया है और सरकार व उपभोक्ताओं को आगाह किया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि बर्तनों को आसानी से साफ करने वाले इन डिशवॉश को बनाने में ‘एसिड स्लरी’ (Acid Slurry) जैसे मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक और खतरनाक रसायनों (Chemicals) का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ता पूरी तरह अनजान है।

क्या है ‘एसिड स्लरी’ और यह शरीर में कैसे पहुँच रही है?

डिशवॉश बनाने वाली कंपनियां बर्तनों से तेल और ग्रीस को तुरंत हटाने के लिए भारी मात्रा में एसिड स्लरी और सिंथेटिक सर्फेक्टेंट्स का इस्तेमाल करती हैं।

  • बर्तनों पर रह जाती है अदृश्य परत: हम बर्तनों को पानी से चाहे जितना भी धो लें, इन लिक्विड्स और बार में मौजूद रसायनों की एक बेहद बारीक और अदृश्य (Chemical Residue) परत बर्तनों पर चिपकी रह जाती है।

  • भोजन के रास्ते पेट में प्रवेश: जब इन बर्तनों में दोबारा गर्म खाना परोसा जाता है या खाना पकाया जाता है, तो यह केमिकल भोजन में घुलकर सीधे हमारे पेट और शरीर के अंदर प्रवेश कर जाता है।

❌ सेहत को होने वाले गंभीर नुकसान: विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन के माध्यम से शरीर में जाने वाला यह केमिकल लिवर (Liver), किडनी (Kidney) को नुकसान पहुंचा सकता है और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों व अल्सर का कारण बन सकता है। इसके लगातार इस्तेमाल से त्वचा से जुड़े रोग (Skin Allergies) भी तेजी से बढ़ रहे हैं।

खुद उद्योगों ने उठाई मांग: पैकेट पर घटकों (Ingredients) को लिखना अनिवार्य हो

इस गंभीर खतरे को देखते हुए खुद स्वच्छता उत्पाद बनाने वाले जिम्मेदार उद्योगों ने आगे आकर सरकार से कड़े नियम बनाने की मांग की है:

  • पूरी जानकारी दी जाए: मांग की गई है कि हर डिशवॉश और डिटर्जेंट की पैकिंग पर यह साफ-साफ लिखा होना चाहिए कि इसे बनाने में किस तरह के घटकों (Ingredients) और रसायनों का उपयोग किया गया है, ताकि उपभोक्ता जागरूक फैसला ले सके।

  • इको और प्लांट-बेस्ड रसायनों की अनिवार्यता: उद्योगों ने मांग उठाई है कि बर्तनों को साफ करने वाले उत्पादों के लिए इको-फ्रेंडली (Eco-friendly) और प्लांट-बेस्ड (पौधों से बनने वाले) प्राकृतिक रसायनों के इस्तेमाल को पूरी तरह अनिवार्य किया जाए, ताकि यह इंसानी शरीर और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित रहे।

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