समस्तीपुर: थाना परिसर की तीसरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला ASI का शव, डिप्रेशन की आशंका

समस्तीपुर: थाना परिसर की तीसरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला ASI का शव, डिप्रेशन की आशंका

समस्तीपुर: थाना परिसर की तीसरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला ASI का शव, डिप्रेशन की आशंका

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहाँ मोहिउद्दीननगर थाना परिसर में तैनात डायल-112 के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) बबलू कुमार प्रसाद का शव थाना भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या (Suicide) का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी जल्दबाजी में नहीं है और हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है।

शनिवार सुबह थाने में मंचा कोहराम

मौके पर पहुंचे DIG और SP, फोरेंसिक जांच शुरू

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे:

शांत स्वभाव और मानसिक तनाव (Depression) की आशंका

समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अरविंद प्रताप सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:

“प्रथम दृष्टया यह मामला मानसिक तनाव यानी डिप्रेशन से जुड़ा हुआ लग रहा है। पूछताछ में पता चला है कि बबलू कुमार प्रसाद काफी शांत स्वभाव के इंसान थे। वह अपने साथी पुलिसकर्मियों से भी बहुत कम बातचीत करते थे और ड्यूटी खत्म होने के बाद ज्यादातर समय अपने कमरे में अकेले ही बिताते थे। समस्तीपुर: थाना परिसर की तीसरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला ASI का शव, डिप्रेशन की आशंका

पारिवारिक विवाद की पुष्टि नहीं:

पुलिस कप्तान ने आगे बताया कि ASI कुछ दिन पहले ही अपने घर बगहा से छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। पुलिस ने उनके बेटे से भी फोन पर बातचीत की है, लेकिन अभी तक किसी भी तरह के घरेलू या पारिवारिक विवाद की बात सामने नहीं आई है।

 हर पहलू पर जांच जारी, पोस्टमार्टम का इंतजार

थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों और स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस मुख्य रूप से आत्महत्या, मानसिक तनाव और किसी अन्य संभावित साजिश समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। एसपी का कहना है कि फोरेंसिक टीम की फाइनल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा।

— समस्तीपुर क्राइम ब्यूरो, विशेष रिपोर्ट

Exit mobile version