APK File: गूगल ने बदली पॉलिसी, अब फोन में APK फाइल से एप इंस्टॉल करना होगा मुश्किल

APK File : एंड्रॉयड डिवाइस के लिए एंड्रॉयड एप्लिकेशन पैकेज (APK) आसान होते हैं, उतने ही इनके खतरे भी हैं। APK की मदद से बिना किसी एप स्टोर के किसी भी मोबाइल एप को एंड्रॉयड फोन में इंस्टॉल किया जा सकता है, लेकिन सिक्योरिटी के लिहाज से APK को सुरक्षित नहीं माना जाता है।
APK File : जो डेवलपर्स गूगल प्ले-स्टोर पर अपने एप को पब्लिश नहीं करते हैं, वे APK के जरिए अपने एप को यूजर्स के लिए उपलब्ध कराते हैं, लेकिन खुद गूगल भी इसे सुरक्षित नहीं मानता है, इसलिए उसने अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है। आमतौर पर APK फाइल को फोन में इंस्टॉल करने के लिए किसी अन्य एप की जरूरत नहीं है, लेकिन अब होगी। गूगल की नई पॉलिसी के मुताबिक APK फाइल को फोन में इंस्टॉल करने के लि एक अन्य फाइल को भी इंस्टॉल करना होगा।
APK होस्टिंग प्लेटफॉर्म APKMirror के फाउंडर Artem Russakovskii ने एक्स पर अपने एक पोस्ट में गूगल की नई पॉलिसी के बारे में जानकारी दी है। पोस्ट के मुताबिक APK फाइल को फोन में इंस्टॉल करने के लिए अब Split APKs Installer (SAI) की भी जरूरत होगी। इस तरह के APK फाइल को फैट fat APKs कहा जाता है।
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सभी फोन में APK इंस्टॉल करना होगा मुश्किल
ट APK के लिए सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि यह सभी डिवाइस में सपोर्ट नहीं करेगा। फैट APK फोन की साइज, स्क्रीन साइज, प्रोसेसर, रैम आदि कई चीजों पर निर्भर करता है। कुल मिलाकर देखें तो एंड्रॉयड फोन में APK फाइल को इंस्टॉल करना अब पहले के मुकाबले काफी मुश्किल हो गया है।








