जलकर वसूली में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप, सरकारी बंगलों पर 6 करोड़ बकाया!,वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन ने परिषद की बैठक में उठाए सवाल,एमएसडब्ल्यू का अनुबंध निरस्त करने और शहर में लोकल बसें चलाने की भी मांग

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जलकर वसूली में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप, सरकारी बंगलों पर 6 करोड़ बकाया!,वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन ने परिषद की बैठक में उठाए सवाल,एमएसडब्ल्यू का अनुबंध निरस्त करने और शहर में लोकल बसें चलाने की भी मां

 

 

कटनी। नगर निगम परिषद की बैठक में जलकर वसूली, कचरा संग्रहण व्यवस्था और अतिक्रमण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन एडवोकेट ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम आम नागरिकों से जलकर वसूली के नाम पर भारी-भरकम राशि और पेनाल्टी वसूल रहा है, जबकि सरकारी बंगलों और अन्य शासकीय परिसरों पर लाखों-करोड़ों रुपये का जलकर बकाया होने के बावजूद वसूली की प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनके इन आरोपों से बैठक में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।

सरकारी बंगलों पर बकाया, आम जनता पर कार्रवाई क्यों?

मिथलेश जैन ने परिषद की बैठक में आरोप लगाया कि नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर श्री गुप्ता जिस शासकीय बंगले में निवास कर रहे हैं, उस पर ही लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये का जलकर बकाया है। उन्होंने दावा किया कि सांसद, अपर कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के शासकीय बंगलों और परिसरों पर भी जलकर की बड़ी राशि बकाया है। उनके अनुसार, इन सभी मदों में लगभग 6 करोड़ रुपये की राशि बकाया है, लेकिन संबंधित परिसरों के नल काटने अथवा बकाया वसूलने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों के नल काटे जा रहे हैं और उन पर पेनाल्टी लगाई जा रही है, तो शासकीय बंगलों के मामले में समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने जलकर वसूली में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

एमएसडब्ल्यू का अनुबंध निरस्त करने की मांग

परिषद की बैठक में मिथलेश जैन ने शहर में नगर निगम के माध्यम से लोकल बसों का संचालन शुरू कराने की मांग भी रखी। इसके साथ ही उन्होंने कटनी एमएसडब्ल्यू के अनुबंध को निरस्त करने और कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।

जैन ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा शत-प्रतिशत घरों से कचरा संग्रहण नहीं किया जा रहा है, जबकि नागरिकों से इसके लिए राशि वसूली जा रही है। उन्होंने कचरा संग्रहण और परिवहन में लगे वाहनों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई वाहन कंडम हो चुके हैं और नए वाहनों की खरीदी नहीं की जा रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कचरे के बजाय मलबे का परिवहन कर उसका वजन दर्ज कराया जाता है और इसके एवज में भुगतान प्राप्त किया जाता है, जिससे नगर निगम के खजाने को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

परिषद की बैठक समय पर नहीं बुलाने पर जताई नाराजगी

मिथलेश जैन ने परिषद की बैठकें समय पर आयोजित नहीं किए जाने पर भी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठकों में देरी के कारण जनहित से जुड़े मुद्दों पर समय रहते चर्चा नहीं हो पाती और शहर के विकास एवं नागरिक समस्याओं के समाधान से जुड़े कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने नियमित अंतराल पर परिषद की बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अतिक्रमण विभाग पर अवैध वसूली के आरोप

वरिष्ठ पार्षद ने नगर निगम के अतिक्रमण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ कर्मचारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर नागरिकों से अवैध रूप से राशि वसूल रहे हैं। जैन के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नागरिकों का सामान उठा लिया जाता है, लेकिन मौके पर नियमानुसार पंचनामा और जब्ती पत्रक तैयार नहीं किया जाता।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध निर्माण के मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने के बजाय अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, कार्रवाई की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

परिषद की बैठक में उठाए गए इन मुद्दों के माध्यम से मिथलेश जैन ने जलकर वसूली में समानता, कचरा प्रबंधन में जवाबदेही और अतिक्रमण कार्रवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।