नारी शक्ति वंदन विधेयक के बाद BJP का फोकस महिलाओं पर, मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों और संगठन में बढ़ेगा महिला प्रतिनिधित्व
नारी शक्ति वंदन विधेयक के बाद BJP का फोकस महिलाओं पर, मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों और संगठन में बढ़ेगा महिला प्रतिनिधित्व। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पारित न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं का समर्थन मजबूत करने के लिए नई रणनीति तैयार की है। मध्य प्रदेश में लंबे समय से रुकी राजनीतिक नियुक्तियों को अब नए तरीके से लागू करने की तैयारी है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर खास जोर दिया जा रहा है।
नारी शक्ति वंदन विधेयक के बाद BJP का फोकस महिलाओं पर, मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों और संगठन में बढ़ेगा महिला प्रतिनिधित्व
क्या है BJP की नई रणनीति?
- निगम-मंडलों में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व
- राजनीतिक नियुक्तियों की सूची में नए महिला नाम जोड़े जाएंगे
- संगठन स्तर पर भी महिला भागीदारी बढ़ाई जाएगी
पार्टी का मकसद सिर्फ सांकेतिक पद देना नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने वाली भूमिका में लाना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया है कि BJP शासित राज्यों में:
- शासन और प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए
- जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष तक महिला नेतृत्व को मजबूत किया जाए
- महिला मतदाताओं को मजबूत संदेश दिया जाए
मध्य प्रदेश पहले से ही आगे
मध्य प्रदेश में महिलाओं का प्रतिनिधित्व पहले से मजबूत है:
- पंचायत राज संस्थाओं में 50% आरक्षण
- लगभग 52.84% महिलाएं ग्रामीण नेतृत्व में
- 3,95,552 पंचायत प्रतिनिधियों में से 2,09,041 महिलाएं
- 313 जनपद पंचायतों में से 179 पर महिला नेतृत्व (57%)
- 16 नगर निगमों में से 9 में महिला महापौर
- 7,321 पार्षदों में से 4,154 महिला पार्षद
क्या बोलीं नेता?
लता वानखेड़े ने कहा कि BJP हमेशा से महिला सशक्तीकरण की पक्षधर रही है। देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त और रक्षा मंत्रालय जैसे बड़े पदों पर भी महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। कुल मिलाकर, BJP की यह रणनीति न केवल राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगी, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देने का प्रयास भी है।

